नेपाल में नागपंचमी पर्व की धूम, काठमांडू से लेकर भक्तपुर तक मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़.

Nura Basta17 August 20263 min read66 viewsWorld
नेपाल में नागपंचमी पर्व की धूम, काठमांडू से लेकर भक्तपुर तक मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़.

पड़ोसी देश नेपाल में आज 17 अगस्त को श्रावण शुक्ल पंचमी के पवित्र अवसर पर नागपंचमी का त्योहार बहुत ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। देश भर के अलग-अलग हिस्सों में सुबह से ही मंदिरों और कुंडों में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जहां लोग पूरी आस्था के साथ पूजा-पाठ कर रहे हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से खास इस दिन को लेकर आम जनता में काफी उत्साह है और सभी लोग पारंपरिक तरीके से इस पर्व को मना रहे हैं।

प्रमुख स्थलों पर हो रहे विशेष अनुष्ठान

राजधानी काठमांडू के प्रसिद्ध नागपोखरी, टौदह और भक्तपुर के सिद्धपोखरी समेत देश के तमाम नागस्थानों, नागदह और कुंडों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। सुबह सवेरे से ही श्रद्धालु पूजा की थाली और जरूरी सामग्री लेकर इन पवित्र स्थलों पर पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जल अर्पण कर रहे हैं और भगवान से सुख-शांति की प्रार्थना करते हुए प्रसाद बांट रहे हैं। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है ताकि आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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घर के मुख्य द्वार पर होती है नाग देवता की पूजा

पुरानी परंपरा के अनुसार इस दिन लोग अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर नाग का चित्र चिपकाते हैं। इसके बाद नाग देवता को गाय का दूध, दूब, अक्षत, खीर और रोटी जैसी चीजें अर्पित करके उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। नागों की पूजा करने की यह परंपरा हमारे देश में वैदिक काल से ही चली आ रही है। वैदिक मान्यताओं के मुताबिक नागों को सभी सर्पों का राजा माना गया है और यह माना जाता है कि उनके नाराज होने पर पानी की कमी हो सकती है। इसी जनविश्वास के चलते अच्छी बारिश और घर-परिवार में समृद्धि की कामना के लिए हर साल नागपंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है।

भगवान शिव और विष्णु से है गहरा संबंध

धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार नागों का संबंध हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं यानी भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों से माना जाता है। देवों के देव महादेव भगवान शिव नाग को हमेशा अपने गले में माला की तरह लपेटकर रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ धार्मिक ग्रंथों में इस बात का खास वर्णन मिलता है कि भगवान विष्णु क्षीर सागर में जल के ऊपर शेषनाग की सैया पर आराम करते हैं। यही वजह है कि सनातन धर्म में नागों का विशेष स्थान है और नागपंचमी का यह पर्व सनातन संस्कृति में बहुत बड़ा महत्व रखता है।

भक्तपुर में सजी सांस्कृतिक झांकियां

नागपंचमी के इस खास मौके पर भक्तपुर शहर में कई तरह के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी भव्य आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय लोग पारंपरिक बाजे-गाजे और भव्य सांस्कृतिक झांकियों के साथ इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग इस पारंपरिक पर्व को लेकर काफी खुश नजर आ रहे हैं और पूरे इलाके का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है। इस बारे में अधिक जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।

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