नेपाल सरकार ने भारतीय वाहनों और सामानों के प्रवेश पर सीमा शुल्क (भंसार) के कड़े नियम लागू किए हैं. इस फैसले की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अब 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर भारी कस्टम ड्यूटी देनी होगी, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ा है.

नेपाल के नए नियम क्या हैं और कितना लगेगा खर्चा?

नेपाल सरकार ने भारतीय दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए प्रतिदिन 100 से 400 रुपये तक का शुल्क तय किया है. वहीं, 100 नेपाली रुपये (करीब 63 भारतीय रुपये) से महंगे सामान पर 5 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक कस्टम ड्यूटी अनिवार्य कर दी गई है. अब सीमा पर कड़ी जांच हो रही है और बिस्कुट या चिप्स जैसे छोटे सामान भी जब्त किए जा रहे हैं. भारतीय वाहनों के लिए नेपाल में रुकने की समय सीमा भी 30 दिन तय की गई है, जिसके बाद भारी जुर्माना लगेगा.

यूपी-बिहार के बाजारों और आम जनता पर क्या असर पड़ा?

सीमा शुल्क बढ़ने से दाल, चीनी, रिफाइंड तेल और कपड़ों जैसे जरूरी सामानों के दाम 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर और बिहार के रक्सौल व बगहा जैसे इलाकों में कारोबार काफी गिर गया है. सीमावर्ती बाजारों में आने वाले नेपाली ग्राहकों की संख्या कम हो गई है, जिससे स्थानीय दुकानदारों का टर्नओवर तेजी से गिरा है. कई व्यापारियों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी.

विवरण नियम / प्रभाव
भारतीय वाहन शुल्क 100 से 400 रुपये प्रतिदिन
सामान पर कस्टम ड्यूटी 5% से 80% (100 नेपाली रुपये से अधिक पर)
उत्पादों की कीमतों में वृद्धि 15% से 20% तक
वाहन प्रवास सीमा अधिकतम 30 दिन प्रति वर्ष
वाहन जुर्माना (सीमा पार होने पर) 2000 से 2500 रुपये प्रतिदिन
नेपाल का राजस्व स्रोत कुल राजस्व का 40-45% सीमा शुल्क से
व्यापार में गिरावट (यूपी) कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक्स में 70% तक

अधिकारियों और व्यापारियों ने इस पर क्या कहा?

नेपाली अधिकारियों का कहना है कि तस्करी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी था. हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि 100 रुपये की सीमा बहुत कम है और इसे बढ़ाकर 1000 रुपये करना चाहिए ताकि दिहाड़ी मजदूरों को परेशानी न हो. वहीं, सीमावर्ती इलाकों के होटल और किराना व्यापारियों ने इसे अघोषित नाकेबंदी बताया है. भारत की तरफ से भी अब सीमा पर पहचान पत्र की जांच कड़ी कर दी गई है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.