Nepal News: नेपाल में भारत के राजदूत और पीएम बालेन्द्र शाह की हुई अहम बैठक, द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई चर्चा

Aanya10 August 20263 min read60 viewsWorld
Nepal News: नेपाल में भारत के राजदूत और पीएम बालेन्द्र शाह की हुई अहम बैठक, द्विपक्षीय मुद्दों पर हुई चर्चा

नेपाल की राजधानी काठमांडू में कूटनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब देश के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से मिलने भारत के राजदूत पहुंचे। नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच के रिश्तों को लेकर लंबी बातचीत की। यह महत्वपूर्ण बैठक करीब 45 मिनट तक चली जिसमें दोनों पक्षों के कई अधिकारी और प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस मुलाकात को नेपाल की विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ तालमेल के लिहाज से बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और ज्यादा मजबूत किया जा सके।

नेपाल और भारत के बीच आपसी संबंधों पर हुई खास चर्चा

नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस बैठक के दौरान नेपाल और भारत के आपसी संबंधों, दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय सहयोग और कई अन्य समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि इस बैठक के दौरान किन-किन खास विषयों पर सहमति बनी या क्या फैसले लिए गए, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। भारत और नेपाल के बीच पुरानी और गहरी दोस्ती रही है जिसमें व्यापार, संस्कृति और आवाजाही के रास्ते हमेशा से अहम रहे हैं। प्रधानमंत्री स्तर पर इस तरह के संवाद होने से दोनों देशों के आम नागरिकों को भी राहत मिलती है क्योंकि कई बार बॉर्डर और व्यापार से जुड़े मुद्दों पर तुरंत फैसले लिए जाते हैं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

चीन और अमेरिका के राजदूतों के साथ भी होनी है मुलाकात

भारतीय राजदूत के साथ यह बैठक खत्म होने के ठीक बाद प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने चीन के राजदूत से भी मुलाकात की योजना बनाई है। इसके अलावा मंगलवार की सुबह नेपाल में तैनात अमेरिकी राजदूत के साथ भी प्रधानमंत्री की बैठक तय होने की खबर सामने आई है। एक के बाद एक देश के प्रधानमंत्री का दुनिया के इन बड़े देशों के राजनयिकों से मिलना यह साफ दिखाता है कि नेपाल अपनी विदेश नीति में सभी पड़ोसी देशों और महाशक्तियों के साथ संतुलन बनाकर चलना चाहता है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री शाह का यह कदम कूटनीतिक संवाद का हिस्सा है जिसके जरिए वे देश के विकास कार्यों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा देना चाहते हैं।

क्षेत्रीय हितों और विकास साझीदारों के लिए जरूरी संवाद

इससे पहले प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने नेपाल में तैनात अलग-अलग देशों के राजदूतों के साथ एक सामूहिक बैठक भी की थी, जिसमें सभी ने मिलकर देश के विकास पर बात की थी। अब भारत और चीन के राजदूतों के साथ अलग-अलग हो रही इन बैठकों को उसी पुरानी कड़ी का अगला हिस्सा माना जा रहा है। नेपाल के लिए भारत और चीन दोनों ही सबसे बड़े पड़ोसी और अहम विकास साझीदार देश हैं। नेपाल की अर्थव्यवस्था, व्यापार, सड़कों की कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय हितों को आगे बढ़ाने में इन दोनों देशों की बड़ी भूमिका रहती है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री स्तर पर दोनों देशों के राजदूतों के साथ इस तरह का नियमित संवाद देश के भविष्य के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होता है।

Share:

Comments

Leave a comment