Nepal News: नेपाल में 52.50 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी के साथ एक भारतीय समेत चार लोग गिरफ्तार, पुलिस ने शुरू की जांच.

पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध नकदी बरामद की है। नेपाल के पर्सा जिले में सुरक्षा बलों ने विशेष सूचना के आधार पर छापेमारी कर 52 लाख 50 हजार रुपये की बेहिसाबी नकदी के साथ कुल चार लोगों को दबोच लिया है। इस मामले में एक भारतीय नागरिक की भी गिरफ्तारी हुई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं और मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।
वीरगंज महानगरपालिका में हुई कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी कार्रवाई नेपाल के वीरगंज महानगरपालिका के आदर्शनगर इलाके में अंजाम दी गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में नकदी के साथ घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत हरकत में आते हुए इलाके की घेराबंदी की और वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो अलग-अलग मोटरसाइकिलों को रोका, जिनके नंबर प्रदेश 2-03-003 प 7215 और ना 57 प 5182 थे। जब इन दोनों गाड़ियों की तलाशी ली गई तो इनके पास से यह भारी-भरकम बेहिसाबी रकम बरामद हुई।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान
पुलिस की पूछताछ और दस्तावेजों के अनुसार पकड़े गए चारों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इनमें एक शख्स भारत का रहने वाला है जबकि बाकी तीन नेपाल के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं। भारतीय नागरिक की पहचान बिहार के सीतामढ़ी जिले के डुमरा थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय सुरज कर्ण के रूप में हुई है। इसके अलावा नेपाल के बारा जिले के प्रसौनी गाउँपालिका निवासी 32 वर्षीय उपेन्द्र साह और 26 वर्षीय सागर कुमार सर्राफ तथा पर्सा जिले के बिन्दवासिनी गाउँपालिका निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार गुप्ता को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह पैसा कहां से आया था और इसे कहां ले जाया जा रहा था। इसके साथ ही इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी भी टोह ली जा रही है। पकड़े गए चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनके पिछले रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है। मामले की अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।