नेपाल का सबसे लंबा रथ उत्सव शुरू, ‘लाल देवता’ को बिठाया गया रथ पर, जून तक चलेगा आयोजन
नेपाल में प्रसिद्ध Rato Macchindranath रथ उत्सव की शुरुआत शनिवार से हो गई है। पुजारियों ने ‘लाल देवता’ को रथ पर बिठाकर इस लंबे आयोजन का आगाज़ किया। यह उत्सव बारिश, समृद्धि और अच्छी फसल के देवता को समर्पित है और ज्योतिष गणना के आधार पर कई हफ्तों तक चलता है।
उत्सव की महत्वपूर्ण तारीखें और कार्यक्रम क्या हैं?
इस साल के उत्सव के लिए कुछ खास तारीखें तय की गई हैं। रथ स्थापना से लेकर समापन तक का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:
| कार्यक्रम | तारीख |
|---|---|
| रथ स्थापना समारोह | 18 अप्रैल 2026 |
| रथ यात्रा की आधिकारिक शुरुआत | 21 अप्रैल 2026 |
| मुख्य रथ यात्रा (17 बैशाख) | 30 अप्रैल 2026 |
| उत्सव का समापन (Bhoto Jatra) | 1 जून 2026 |
इस रथ उत्सव की खास परंपराएं क्या हैं?
- रथ की बनावट: यह लकड़ी का विशाल रथ है जिसकी ऊंचाई करीब 60 फीट है और इसे बिना किसी कील या धातु के इस्तेमाल के बनाया गया है।
- महिलाओं की भागीदारी: Iti और Thati के बीच के रास्ते पर केवल महिलाएं रथ को खींचती हैं, जिसे Yākah Misāyā Bhujyā कहा जाता है।
- Bhoto Jatra: उत्सव के अंत में रथ से एक रत्न जड़ित बनियान (vest) जनता को दिखाई जाती है।
- विशेष यात्रा: हर 12 साल में एक बार ‘Barha Barsa Jatra’ होती है, जिसमें रथ यात्रा Bungamati से शुरू होकर वहीं खत्म होती है।
यह आयोजन कहाँ होता है और कौन शामिल होता है?
यह उत्सव मुख्य रूप से ललितपुर के Newar समुदाय द्वारा मनाया जाता है। रथ Pulchowk से चलना शुरू करता है और Gabahal, Mangal Bazaar, Sundhara, Lagankhel और Jawalakhel जैसे इलाकों से होकर गुजरता है। देवता की मूर्ति छह महीने Bungamati में और छह महीने पाटन के मंदिर (Ta-bahal) में रहती है। इस आयोजन में पुजारियों के साथ-साथ सरकारी अधिकारी भी शामिल होते हैं।