नेपाल में बड़ा हादसा, रोल्पा जिले में भयानक भूस्खलन से 10 लोगों की मौत और 3 लोग लापता.

पड़ोसी देश नेपाल से एक बहुत ही दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ प्रकृति का कहर जमकर बरसा है। नेपाल के रोल्पा जिला के थबाड़ गाउंपालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उवा कोटलबार इलाके में भारी बारिश के कारण अचानक भीषण भूस्खलन हो गया। इस खतरनाक प्राकृतिक आपदा में अब तक कुल 10 लोगों की दर्दनाक मौत होने की पुष्टि प्रशासन द्वारा कर दी गई है। इस भयानक हादसे के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और स्थानीय लोगों के बीच डर का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं ताकि किसी अन्य अनहोनी से बचा जा सके और पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा और कितनों के घर हुए तबाह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटलबार गांव के ठीक ऊपरी हिस्से में अचानक से भारी भूस्खलन हुआ जिससे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा। इस मलबे की चपेट में आने से गांव के कुल 11 घर पूरी तरह से दब गए हैं और मिट्टी के नीचे दबी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा 9 घर, 1 दुकान, 2 गोठ और 1 चर्च भी पूरी तरह से मलबे में समा चुके हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना में मरने वालों की उम्र का दायरा बहुत बड़ा है, जिसमें महज 5 साल के बच्चे से लेकर 85 वर्ष के बुजुर्ग तक शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह तबाही इतनी अचानक आई कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिल पाया और सब कुछ पलभर में मलबे में बदल गया।
लापता लोगों की तलाश जारी और घायलों का चल रहा है इलाज
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक इस भयानक हादसे के बाद अभी भी 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस आपदा में मलबे की चपेट में आने से दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनकी पहचान 22 वर्षीय हिमाल पुन मगर और 25 वर्षीय संजय घर्ती के रूप में हुई है। इन दोनों ने ही बीती रात अपनी सूझबूझ दिखाते हुए पुलिस के आपातकालीन नंबर 100 पर फोन कर के इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी थी। वर्तमान समय में इन दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए बुटवल भेजा गया है जहाँ उनका अस्पताल में उपचार चल रहा है और डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
घटनास्थल और नदियों के पास से बरामद हुए शव
पुलिस के अनुसार भूस्खलन वाली जगह से कुल 5 शव घटनास्थल पर ही बरामद कर लिए गए थे, जबकि बाकी के 5 अन्य शव पानी के तेज बहाव और बाढ़ के कारण बहते हुए पड़ोसी जिले प्युठान तक पहुंच गए। घटनास्थल से जिन लोगों के शव मिले हैं उनमें 18 वर्षीय शांति पुन मगर, 60 वर्षीय कमलबहादुर पुन मगर, 80 वर्षीय मनरखी पुन मगर, 75 वर्षीय डलबहादुर पुन मगर और 85 वर्षीय हस्तकला रोका मगर शामिल हैं। जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक कृष्ण श्रेष्ठ ने मीडिया को जानकारी दी कि रोल्पा की लुंग्री नदी और प्युठान की माडी नदी के अलग-अलग किनारों से भी पानी में बहे शवों को बाहर निकाला गया है।
प्युठान में मिले शवों की हुई पहचान
प्युठान जिले में नदी के किनारे और विभिन्न स्थानों से बरामद किए गए पांचों शवों की पहचान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरी कर ली गई है। इन मृतकों में 38 वर्षीय जुन कुमारी पुन मगर, 5 वर्षीय अशोक पुन मगर, 80 वर्षीय बलबहादुर पुन मगर, 66 वर्षीय मनी पुन मगर और 34 वर्षीय महेंद्र घर्ती के नाम शामिल हैं। पुलिस निरीक्षक कृष्ण श्रेष्ठ ने बताया कि इस मुश्किल घड़ी में जिला प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। घटनास्थल पर अभी भी मलबा हटाने का काम जारी है और प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की और अधिक जनहानि को रोका जा सके।