Nepal News: नेपाल के नेता रवि लामिछाने जाएंगे चीन, राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात नहीं होने का हुआ बड़ा खुलासा.

नेपाल की राजनीति में इन दिनों एक बड़ी चर्चा शुरू हो गई है, जहां देश की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP के अध्यक्ष रवि लामिछाने जल्द ही चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। उनके इस आठ दिवसीय दौरे की तारीख 23 से 30 अगस्त तय की गई है और वह इस दौरान कई बड़े चीनी नेताओं से मुलाकात करेंगे। पार्टी के महासचिव विपिन आचार्य की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरी यात्रा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खास निमंत्रण पर हो रही है, जो नेपाल के राजनीतिक गलियारों में काफी अहम मानी जा रही है।
चीन यात्रा और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात पर सस्पेंस
इस पूरी यात्रा की सबसे बड़ी बात यह है कि चीन के राष्ट्रपति और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव शी जिनपिंग के साथ रवि लामिछाने की मुलाकात होने की कोई भी संभावना नहीं है। शुरुआती यात्रा कार्यक्रम में राष्ट्रपति शी के साथ मिलने का कोई भी प्रोग्राम शामिल नहीं किया गया है। नेपाल के पक्ष से शी जिनपिंग के साथ समय तय करने की बहुत कोशिश की गई थी, लेकिन बात नहीं बन सकी। काठमांडू स्थित चीनी दूतावास की तरफ से यह साफ किया गया है कि चीन के सख्त प्रोटोकॉल के नियम के मुताबिक राष्ट्रपति शी सिर्फ और सिर्फ दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों या फिर सरकार के प्रमुखों से ही मिलते हैं। इसी वजह से यह मुलाकात नहीं हो पाएगी।
किन बड़े नेताओं से होगी मुलाकात
भले ही देश के राष्ट्रपति से मुलाकात का मौका न मिल पाए, लेकिन बीजिंग में रवि लामिछाने की चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग और देश के विदेश मंत्री वांग यी के साथ मीटिंग लगभग पक्की मानी जा रही है। उनकी सबसे पहली बैठक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के विदेश विभाग के प्रमुख लियू हाईशिंग के साथ तय की गई है। आपको बता दें कि यह वही नेता हैं जिन्होंने रवि लामिछाने को चीन आने का आधिकारिक निमंत्रण भेजा था। इस दौरे के दौरान वह पांच सदस्यीय नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसमें उनकी पत्नी निकिता पौड्याल के भी शामिल होने की बात सामने आई है। बीजिंग का काम खत्म होने के बाद यह पूरा प्रतिनिधिमंडल तिब्बत में स्थित पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर भी जाएगा।
भारत दौरे से हो रही है तुलना
जब से RSP पार्टी सत्ता में आई है, तब से यह उनका दूसरा बड़ा विदेश दौरा होने जा रहा है। इससे पहले रवि लामिछाने भारत के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी यानी BJP के निमंत्रण पर पांच दिन के भारत दौरे पर गए थे। उस दौरान उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, देश के गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से लंबी मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं के साथ भी विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातचीत की थी। चीन की यह यात्रा उनके राजनीतिक जीवन की पहली यात्रा होगी, जिस पर देश और दुनिया की खास नजर बनी हुई है।