नेपाल में नया नियम लागू, मंत्रियों को महीने में एक बार बैठना होगा पार्टी दफ्तर, आम जनता सीधे कर सकेगी बात।

नेपाल की राजनीति में जनता को सबसे ऊपर रखने और नेताओं को सीधे जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने अपने सभी मंत्रियों के लिए एक नया नियम बना दिया है। इस नियम के तहत अब देश के हर मंत्री को महीने में एक बार अनिवार्य रूप से पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में बैठना होगा और आम लोगों की समस्याओं को सुनना होगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सरकार और जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह से खत्म किया जा सके और लोग अपनी बात बिना किसी रुकावट के सीधे अपने मंत्रियों तक पहुंचा सकें।
जनता से सीधा संवाद और अधिकारियों की जवाबदेही
पार्टी के सह महामंत्री आसिम शाह ने इस बारे में पूरी जानकारी देते हुए बताया कि लोकतंत्र का असली मतलब यही होता है कि जो नेता चुनकर जनता द्वारा भेजे जाते हैं, वे लगातार लोगों के संपर्क में रहें और उनके सुझावों को ध्यान से सुनें। इसी सोच के साथ देश में एक पारदर्शी और जनता के प्रति जवाबदेह राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने का यह फैसला लिया गया है। मंत्री अब महीने में कम से कम एक बार पार्टी के केंद्रीय कार्यालय घंटीघर में आएंगे और वहां मौजूद नागरिकों के साथ आमने-सामने बात करेंगे। इस कार्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आम आदमी की आवाज सीधे देश की नीतियां बनाने वालों तक आसानी से पहुंच सके।
दो चरणों में होगा पूरा कार्यक्रम
यह पूरा संवाद कार्यक्रम एक ही दिन में दो अलग-अलग चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण को 'नागरिक संवाद' नाम दिया गया है जो शाम 5 बजे से 6 बजे तक यानी पूरे एक घंटे तक चलेगा। इस दौरान पार्टी दफ्तर के दरवाजे आम जनता के लिए पूरी तरह खुले रहेंगे और कोई भी नागरिक आकर मंत्री से अपनी शिकायतें, परेशानियां, जरूरतें और सुझाव सीधे साझा कर सकेगा। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा जिसे 'नेतृत्व संवाद' कहा गया है। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे के बाद एक घंटे तक चलेगा जिसमें मंत्री, पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य और प्रतिनिधि सभा के सांसद एक साथ बैठकर संयुक्त बैठक करेंगे। इस बैठक में पहले चरण के दौरान आम लोगों से मिले सभी सुझावों पर गहराई से चर्चा की जाएगी और देश के मौजूदा मुद्दों पर नीतिगत फैसले लिए जाएंगे।
नियम बनाने के पीछे चार मुख्य उद्देश्य
पार्टी नेता आसिम शाह ने इस पूरे कार्यक्रम को शुरू करने के पीछे चार बहुत ही अहम वजहें बताई हैं। पहला कारण यह है कि इससे आम नागरिक, सरकार के मंत्री, संसद के सांसद और पार्टी संगठन के बीच आपसी तालमेल बहुत ज्यादा मजबूत हो जाएगा जिससे लोगों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द निकाला जा सके। दूसरा मुख्य उद्देश्य मंत्रियों को सीधे तौर पर आम जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है ताकि वे अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझ सकें। तीसरे उद्देश्य के रूप में जनता की असल परेशानियों को जमीन पर जाकर समझना है ताकि उसी आधार पर देश के कानून और नीतियां बनाई जा सकें। चौथा और अंतिम उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार, संसद और पार्टी संगठन के बीच जानकारी का आदान-प्रदान सही तरीके से हो सके ताकि देश के विकास का काम बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ता रहे।