नेपाल में नया नियम लागू, मंत्रियों को अब महीने में एक बार बैठना होगा पार्टी दफ्तर में, जनता सीधे कर सकेगी बात.

Sushma Kumari16 August 20263 min read71 viewsWorld
नेपाल में नया नियम लागू, मंत्रियों को अब महीने में एक बार बैठना होगा पार्टी दफ्तर में, जनता सीधे कर सकेगी बात.

नेपाल की राजनीति में जनता को सबसे ऊपर रखने और जनप्रतिनिधियों को सीधे जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने अपने सभी मंत्रियों के लिए एक नया और सख्त निर्देश जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक अब देश के मंत्रियों को महीने में एक बार अनिवार्य रूप से पार्टी के केंद्रीय कार्यालय घंटीघर में बैठना होगा और जनता की समस्याओं को सुनना होगा। राजनीतिक कामकाज में पारदर्शिता लाने और आम आदमी की आवाज को सीधे सरकार तक पहुंचाने के मकसद से यह अनूठी पहल शुरू की गई है, जिससे आम जनता को अपनी बात सीधे मंत्रियों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।

जनता के प्रति जवाबदेही तय करने की तैयारी

पार्टी के सह महामंत्री आसिम शाह ने इस नए निर्देश के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र का असली मतलब यही होता है कि जनता द्वारा चुना गया नेतृत्व हमेशा आम नागरिकों के संपर्क में रहे, उनकी निगरानी को स्वीकार करे और उनके सुझावों को सुने। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए पारदर्शी और परिणाम देने वाली राजनीतिक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया है। मंत्री अब महीने में कम से कम एक तय दिन केंद्रीय पार्टी कार्यालय पहुंचेंगे और वहां मौजूद आम नागरिकों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से भी आमने-सामने बातचीत करेंगे।

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दो चरणों में होगा पूरा कार्यक्रम

पार्टी नेताओं के अनुसार यह पूरा संवाद कार्यक्रम एक ही दिन में कुल दो अलग-अलग चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण को 'नागरिक संवाद' का नाम दिया गया है, जो शाम 5 बजे से 6 बजे तक यानी पूरे एक घंटे तक चलेगा। यह समय पूरी तरह से आम जनता के लिए खुला रहेगा और इस दौरान मंत्री किसी भी आम नागरिक की शिकायतें, उनकी समस्याएं, उनकी उम्मीदें और उनके सुझाव सीधे सुनेंगे। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य आम आदमी की परेशानियों को बिना किसी रुकावट के सीधे शासन और प्रशासन के बड़े स्तर तक पहुंचाना है ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।

नेतृत्व संवाद और नीतिगत चर्चा

इसके ठीक बाद दूसरे चरण की शुरुआत होगी जिसे 'नेतृत्व संवाद' कहा गया है। शाम 6 बजे के बाद शुरू होने वाले इस एक घंटे के सत्र में संबंधित मंत्री, पार्टी की केंद्रीय समिति के सभी सदस्य और प्रतिनिधि सभा के सांसद एक साथ बैठकर संयुक्त बैठक करेंगे। इस बैठक में पहले चरण के दौरान आम जनता से मिले सुझावों और शिकायतों पर गहराई से विचार किया जाएगा। इसके बाद देश से जुड़े मौजूदा हालात, अलग-अलग नीतिगत मामलों और विकास के विषयों पर चर्चा करके आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

क्यों उठाया गया यह कदम

पार्टी की तरफ से इस कार्यक्रम को शुरू करने के पीछे कुल चार मुख्य वजहें बताई गई हैं। सबसे पहली वजह यह है कि सरकार यानी मंत्री, विधायिका यानी सांसद और संगठन यानी केंद्रीय समिति के बीच आपसी तालमेल को मजबूत किया जा सके ताकि जनता के मुद्दों का तुरंत समाधान हो सके। दूसरी वजह मंत्रियों को सीधे तौर पर आम जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है ताकि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हट सकें। तीसरी वजह यह है कि जमीन पर काम कर रहे लोगों की असली समस्याओं को समझकर देश के कानून और राष्ट्रीय नीति बनाने में पार्टी अपनी पुख्ता राय रख सके। चौथी और अंतिम वजह सरकार, संसद और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच सही जानकारी और काम के तरीकों का सही से आदान-प्रदान पक्का करना है।

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