नेपाल के सुनसरी में महिला के घायल होने के बाद फिर बढ़ा तनाव, प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी और तैनात किए अतिरिक्त सुरक्षा बल.

नेपाल के सुनसरी जिले के दीवानगंज क्षेत्र में बोलबम यात्रा के दौरान पहले हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात सामान्य होने की राह पर थे, लेकिन रविवार को एक महिला के घायल होने की ताजा घटना के बाद इलाके में फिर से तनाव गहरा गया है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए तुरंत अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मैदान में उतार दिया है ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दोषियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।
महिला के घायल होने से भड़का आक्रोश
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दीवानगंज गांवपालिका-4 के कप्तानगंज इलाके में 33 वर्षीय सरस्वती कुमारी मेहता खेत में घास काटने गईं थीं। इसी दौरान वह अचानक गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का यह गंभीर आरोप है कि उन पर किसी ने गुलेल से पत्थर फेंका, जिससे उनके सिर में बहुत गहरी चोट लग गई। इस घटना के तुरंत बाद उन्हें परिवार के लोगों ने स्थानीय स्तर पर संभाला और बेहतर इलाज के लिए तुरंत विराटनगर स्थित न्यूरो हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन और पुलिस की तैनाती
घटना की खबर जैसे ही पूरे गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और आरोपितों की तुरंत गिरफ्तारी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह घटना रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे हुई थी जब महिला अपने रोजमर्रा के काम के सिलसिले में खेत में मौजूद थीं। हालांकि, यह पत्थर किसने और किस नीयत से फेंका, इसकी कोई भी आधिकारिक पुष्टि अभी तक सामने नहीं आ सकी है और पुलिस इस बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए सुनसरी जिला पुलिस प्रशासन ने बिना कोई देर किए अतिरिक्त पुलिस जवानों और सशस्त्र पुलिस बल को सीधे घटनास्थल पर रवाना कर दिया। दीवानगंज एरिया पुलिस कार्यालय के इंस्पेक्टर प्रकाश पराजुली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का पूरा प्रयास किया। पुलिस ने पूरे गांव और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पत्थर फेंकने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुरानी हिंसा के जख्म और ताजा हालात
यहाँ यह बताना जरूरी है कि इससे पहले बोलबम यात्रा के दौरान इसी क्षेत्र में भारी हिंसा भड़की थी, जिस पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिंग तक करनी पड़ी थी। उस पुरानी पुलिस कार्रवाई और झड़प में कुल 10 लोग घायल हुए थे, जिनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य आठ घायलों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। उस पुरानी हिंसा के दौरान नेपाल के कई हिस्सों में आगजनी, आपसी मारपीट, तोड़फोड़ और लूटपाट जैसी बहुत सी अप्रिय घटनाएं सामने आई थीं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया था।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के मिले-जुले प्रयासों से हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे थे और सामान्य जीवन शुरू हो रहा था, लेकिन रविवार को घटी इस ताजा घटना ने एक बार फिर पूरे क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इस बारे में विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।