नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश जारी करते हुए सरकार को भारत से आने वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी वसूलने से रोक दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि 100 नेपाली रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामानों पर टैक्स लगाने वाले विवादित नियम को फिलहाल लागू न किया जाए। यह अंतरिम आदेश प्रधानमंत्री कार्यालय, नेपाल मंत्रिपरिषद और वित्त मंत्रालय सहित सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है।
नेपाल सरकार ने टैक्स क्यों लगाया था और कोर्ट ने क्या कहा?
नेपाल की प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह सरकार के वित्त मंत्रालय ने अप्रैल के मध्य यानी बैसाख 1, 2083 (नेपाली नव वर्ष) के आसपास यह नियम लागू किया था। इस नियम के तहत भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामानों पर कस्टम ड्यूटी देना अनिवार्य कर दिया गया था।
- कोर्ट की कार्रवाई: जस्टिस हरि प्रसाद फुयाल और जस्टिस टेक प्रसाद ढुंगाना की बेंच ने 15 या 16 मई 2026 को यह आदेश दिया।
- याचिका का आधार: वकील अमितेश पंडित, आकाश महतो, सुयोगी सिंह और प्रशांत बिक्रम शाह ने याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि यह नियम कस्टम एक्ट 2081 (कस्टम ड्यूटी एक्ट 2024) के नियमों के खिलाफ है।
- मौजूदा स्थिति: अब जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक सरकार यह टैक्स नहीं वसूल पाएगी।
सीमा पर लोगों को क्या परेशानी हुई और भारत का क्या कहना है?
इस टैक्स नियम के लागू होने के बाद नेपाल-भारत सीमा पर सशस्त्र पुलिस बल (APF) ने चेकिंग बहुत सख्त कर दी थी। इससे तराई-मधेस क्षेत्र के आम लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- विरोध: अन्य पिछड़ा वर्ग फेडरेशन नेपाल के अध्यक्ष कौशल कुमार सिंह और सांसद तपेश्वर यादव ने इस नियम का कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि छोटे सामानों पर टैक्स लगाने से आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और भारत के साथ सदियों पुराने रिश्तों को नुकसान पहुँचा।
- भारत का रुख: भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत को इस नियम की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि नेपाल तस्करी और अवैध व्यापार को रोकना चाहता था, लेकिन वरिष्ठ नेपाली अधिकारियों ने संकेत दिया था कि व्यक्तिगत इस्तेमाल के घरेलू सामान ले जाने वालों को नहीं रोका जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने किस नियम पर रोक लगाई है?
कोर्ट ने भारत से लाए जाने वाले 100 नेपाली रुपये से अधिक मूल्य के सामानों पर कस्टम ड्यूटी वसूलने के सरकारी फैसले पर रोक लगाई है।
यह विवाद क्यों शुरू हुआ था?
नेपाल सरकार ने तस्करी रोकने के लिए टैक्स अनिवार्य किया था, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि यह नियम कस्टम एक्ट 2081 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
