नेपाल जाने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए एक ज़रूरी खबर आई है। पिछले कुछ दिनों से ऐसी खबरें फैल रही थीं कि नेपाल ने भारतीयों के लिए यात्रा के नियम बदल दिए हैं। Nepal Tourism Board ने इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। अगर आप भी नेपाल घूमने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अपडेट आपके लिए बहुत काम का है।
नेपाल जाने के लिए कौन से डॉक्यूमेंट्स रहेंगे ज़रूरी
नेपाल सरकार ने साफ किया है कि भारतीय नागरिकों को वहां जाने के लिए वीज़ा की ज़रूरत नहीं है। लेकिन अपनी पहचान साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज़ साथ रखना ज़रूरी है।
- भारतीय नागरिकों के पास वैध भारतीय पासपोर्ट या चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड होना चाहिए।
- नाबालिग बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल का पहचान पत्र मान्य होगा।
- सबसे ज़रूरी बात यह है कि Aadhaar (UID) कार्ड को यात्रा दस्तावेज़ के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किन अफवाहों को टूरिज्म बोर्ड ने बताया गलत
नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने बुधवार, 13 मई 2026 को एक बयान जारी कर कई गलत दावों का खंडन किया। बोर्ड ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच खुले बॉर्डर का समझौता पहले जैसा ही है।
- खबरें कि भारतीयों के रुकने की समय सीमा 30 दिन कर दी गई है, पूरी तरह गलत हैं।
- बॉर्डर पार करने के लिए किसी नए पहचान पत्र की अनिवार्यता का दावा झूठा है।
- समय सीमा से ज़्यादा रुकने पर गाड़ी ज़ब्त करने की बातें भी सच नहीं हैं।
विदेशी गाड़ियों के लिए नया ऑनलाइन सिस्टम क्या है
भले ही यात्रा नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन गाड़ियों के लिए एक नई सुविधा शुरू की गई है। नेपाल के वित्त मंत्री Dr. Swarnim Wagle ने विदेशी वाहनों के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम लॉन्च किया है।
इस सिस्टम का नाम Temporary Import of Vehicle (TIV) है, जिसे Webb Fontaine कंपनी ने बनाया है। अब भारतीय पर्यटक अपनी गाड़ी की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं और फीस का भुगतान भी ऑनलाइन कर सकते हैं। इससे उन्हें एक QR कोड मिलेगा, जिससे बॉर्डर पार करना आसान और पारदर्शी हो जाएगा। सीमा शुल्क विभाग के महानिदेशक Shyam Prasad Mainali ने बताया कि इस डिजिटल सिस्टम से काम में तेज़ी आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या नेपाल जाने के लिए आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है
नहीं, नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार आधार कार्ड एक मान्य यात्रा दस्तावेज़ नहीं है। आपको पासपोर्ट या वोटर आईडी कार्ड साथ रखना होगा।
क्या भारतीय पर्यटकों के लिए रुकने की समय सीमा 30 दिन तय कर दी गई है
नहीं, यह खबर पूरी तरह गलत है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रुकने की अवधि या बॉर्डर नीतियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
