इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है. पश्चिम एशिया में पिछले दो हफ्तों से चल रहे संघर्ष विराम के बाद भी सीमा पर तनाव कम नहीं हुआ है. Netanyahu ने अपने कैबिनेट को निर्देश दिया है कि वे लेबनान सरकार के साथ सीधे संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं. इस पूरी बातचीत का सबसे अहम हिस्सा हिजबुल्लाह का निहत्थीकरण और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध बनाना होगा.

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इस बातचीत को लेकर क्या है मुख्य योजना?

Netanyahu सरकार ने साफ किया है कि वे लेबनान के साथ बैठकर मसलों को सुलझाना चाहते हैं. इसके लिए कुछ प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:

  • अमेरिका इस बातचीत में मध्यस्थ के रूप में काम करेगा और अगले हफ्ते वॉशिंगटन में बैठक होने की संभावना है.
  • इसराइल चाहता है कि हिजबुल्लाह अपने हथियार पूरी तरह से छोड़ दे.
  • लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा है कि बातचीत शुरू हो चुकी है और इसके सकारात्मक संकेत मिले हैं.
  • लेबनान की कैबिनेट ने अपनी सेना को बेरूत और अन्य इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए हैं.

लेबनान और हिजबुल्लाह का ताजा रुख क्या है?

जहाँ एक तरफ बातचीत की खबरें हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीन पर हालात अभी भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने इसराइली हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है. हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने कहा है कि वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं और अपने हथियारों को छोड़ने के सरकारी आदेशों को फिलहाल स्वीकार नहीं कर रहे हैं. इस बीच बुधवार और गुरुवार को हुए हमलों में लेबनान को काफी नुकसान हुआ है, जिसके बाद स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है.