इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu इस समय बड़ी मुश्किल में फंस गए हैं। उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध में बड़ी जीत के दावे किए थे, लेकिन अब वहां का माहौल बदल गया है। एक कमजोर युद्धविराम और अधूरे वादों की वजह से इसराइल के लोग ही अब अपने नेता से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस युद्ध से हासिल क्या हुआ।

युद्धविराम को लेकर क्या है पूरा विवाद

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते के लिए युद्धविराम हुआ था। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया कि यह ceasefire लेबनान पर लागू नहीं होगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पहले कहा था कि इसमें लेबनान भी शामिल है, लेकिन इसराइल ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया। इस वजह से लेबनान में हमले जारी रहे और शांति की उम्मीदें कम हो गईं।

Netanyahu से लोग क्यों हैं नाराज

प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल को दावा किया था कि इस युद्ध में ऐतिहासिक कामयाबी मिली है और ईरान की मिसाइल ताकत को तोड़ दिया गया है। लेकिन हकीकत में ईरान की सरकार नहीं गिरी और न ही उनकी शर्तों पर कोई समझौता हुआ। इसराइल के विपक्षी नेता Yair Lapid ने सीधे तौर पर कहा कि Netanyahu राजनीतिक रूप से फेल हो चुके हैं। आम लोगों को लग रहा है कि भारी तबाही के बाद भी मकसद पूरा नहीं हुआ।

अभी मौजूदा स्थिति क्या है

फिलहाल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और CENTCOM ने बताया कि कोई भी जहाज इसे तोड़कर नहीं निकला है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि वह नए मोर्चों पर हमले कर सकता है और अमेरिकी सहयोगियों पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगा। लेबनान में Hezbollah लगातार इसराइली सेना पर हमले कर रहा है, जिससे यह साफ है कि हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com