इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध रोकने के लिए उनसे गुहार लगाई और युद्धविराम की भीख मांगी. नेतन्याहू के मुताबिक इसराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म कर दिया है और ईरान परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब था.

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या हुआ समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान हुआ था. यह समझौता इस शर्त पर टिका है कि ईरान तुरंत Strait of Hormuz को खोले और अमेरिका, इसराइल और अन्य पड़ोसी देशों पर हमले बंद करे. व्हाइट हाउस के मुताबिक इसराइल और अमेरिका के बीच इस पर बातचीत हुई, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि इसराइल से सलाह नहीं ली गई थी.

विभिन्न देशों और अधिकारियों का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

देश या व्यक्ति मुख्य बात
Benjamin Netanyahu ईरान ने युद्धविराम की भीख मांगी और परमाणु प्रोग्राम तबाह हुआ
Pete Hegseth (US) ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में जीत मिली और ईरान ने भीख मांगी
Donald Trump दो हफ्ते का युद्धविराम, शर्त है होर्मुज जलमार्ग खुलना
ईरान सरकार बातचीत के लिए अपनी शर्तें रखीं और अमेरिकी भरोसे पर शक जताया
सऊदी अरब कुवैत पर हमलों की निंदा की और युद्धविराम का स्वागत किया
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है
फ्रांस राष्ट्रपति Macron ने सऊदी प्रिंस के साथ हालात पर चर्चा की

लेबनान और कुवैत पर क्या असर पड़ेगा?

इसराइल ने साफ कर दिया है कि दो हफ्ते का यह युद्धविराम लेबनान के लिए नहीं है, वहां हमले जारी रह सकते हैं. वहीं सऊदी अरब ने कुवैत के जरूरी ठिकानों पर ईरान द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है. सऊदी अरब का मानना है कि यह युद्धविराम पूरे इलाके में तनाव कम करने का एक अच्छा मौका है.