इसराइल के उत्तरी इलाके में रहने वाले लोग अपनी ही सरकार और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से काफी नाराज हैं। इसराइली अखबार ‘Maariv’ और ईरानी न्यूज एजेंसी ‘IRNA’ की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों का कहना है कि नेतन्याहू ने उन्हें हिजबुल्लाह के हमलों के बीच अकेला छोड़ दिया है। सीमाई इलाकों में रहने वाले लोग हिजबुल्लाह के ड्रोन और मिसाइल हमलों से लगातार डरे हुए हैं और सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
नेतन्याहू को बताया कमजोर, हिजबुल्लाह के ड्रोन का बढ़ा डर
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी इलाके के नागरिकों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘लैम डक’ यानी कमजोर नेतृत्व वाला बताया है। इस इलाके में हिजबुल्लाह के ड्रोन हमलों का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। हाल ही में हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में इसराइली ठिकानों पर 22 अलग-अलग हमले किए हैं, जिनमें ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, इसराइली सेना ने भी उत्तरी हिस्से में एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है।
सैन्य अधिकारियों ने भी उठाए नेतन्याहू के बयानों पर सवाल
केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि इसराइल के सुरक्षा अधिकारी भी प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बयानों से असहमत दिख रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि लेबनान में सैन्य अभियानों को लेकर नेतन्याहू के सार्वजनिक बयान राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकते हैं, जिससे सैनिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। हालांकि, इसराइली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने बताया कि जंग शुरू होने के बाद से अब तक हिजबुल्लाह के 7,500 से अधिक लड़ाके मारे जा चुके हैं, लेकिन उन्होंने भी माना कि हिजबुल्लाह के ड्रोन का खतरा अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हिजबुल्लाह ने हाल ही में इसराइल पर कितने हमले किए हैं?
हिजबुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में इसराइली ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से करीब 22 हमले करने का दावा किया है।
इसराइली नागरिकों और सुरक्षा अधिकारियों को नेतन्याहू से क्या शिकायत है?
नागरिकों का आरोप है कि उन्हें हिजबुल्लाह के हमलों के सामने अकेला छोड़ दिया गया है, जबकि सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि नेतन्याहू के बयान चुनावी राजनीति से प्रेरित हैं।