इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक बड़ी सहमति बनी है। दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान साफ कर दिया है कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह से खत्म करना सबसे पहली शर्त होगी। नेतन्याहू ने कहा है कि ट्रंप इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को नष्ट किया जाए और वहां से सभी परमाणु सामग्री को बाहर निकाला जाए।

🚨: US Iran Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच होने जा रहा है बड़ा समझौता, ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान और इजराइल हुआ परेशान

डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन कॉल पर क्या बातचीत हुई?

दोनों नेताओं के बीच 23 मई 2026 की रात को फोन पर बातचीत हुई। एक वरिष्ठ इजराइली अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू को भरोसा दिया है कि वह ऐसे किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से खत्म करने और उसके समृद्ध यूरेनियम को ईरानी क्षेत्र से बाहर भेजने की शर्त शामिल न हो। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भी बातचीत की पुष्टि की और कहा कि जब तक कोई मजबूत समझौता नहीं हो जाता, तब तक प्रतिबंध और नाकेबंदी जारी रहेगी। इस दौरान नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होगा।

ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते में क्या शर्तें शामिल हैं?

सूत्रों के अनुसार, एक शुरुआती समझौते पर बातचीत चल रही है जिसमें 60 दिनों का संघर्ष विराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाने, तेल व्यापार की अनुमति देने और विदेशों में मौजूद करीब 25 अरब डॉलर की ईरानी संपत्ति को जारी करने का प्रस्ताव है। हालांकि, इजराइल इस समझौते से चिंतित है क्योंकि उसका मानना है कि इससे ईरान की आतंकी गतिविधियों और परमाणु क्षमता पर पूरी तरह से रोक नहीं लग पाएगी। इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने की आजादी रखेगा और ट्रंप ने भी इस फैसले का समर्थन किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का क्या बयान आया है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 24 मई 2026 को कहा कि समझौते पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन यह अभी अंतिम नहीं है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति हैं, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या प्राप्त करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर, ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने के लिए तैयार हो गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने के लिए तैयार है?

ईरान के एक वरिष्ठ सूत्र ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया है जिसमें दावा किया गया था कि तेहरान शुरुआती समझौते के तहत अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को सौंपने के लिए राजी हो गया है।

प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को क्या राहत मिल सकती है?

प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटा सकता है, उसे तेल व्यापार की मंजूरी दे सकता है और विदेशों में जमी उसकी 25 अरब डॉलर की संपत्ति को जारी कर सकता है।