इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। दोनों नेताओं ने इस बात पर पूरी सहमति जताई है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। यह खबर उस समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक नए समझौते की चर्चा चल रही है।

Netanyahu ने क्या कहा

प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कर दिया है कि जब तक वह इज़राइल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। उन्होंने राष्ट्रपति Donald Trump के साथ एक फ़ोन कॉल पर बात की और इस मुद्दे पर अपनी पूरी सहमति दी।

इज़राइल की शर्तें

इज़राइल इस समझौते का सीधा हिस्सा तो नहीं है, लेकिन उसने कुछ ज़रूरी शर्तें रखी हैं। इज़राइल चाहता है कि किसी भी अंतिम समझौते में ये बातें शामिल हों:

  • ईरान से सभी परमाणु सामग्री हटाई जाए।
  • परमाणु बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट किया जाए।
  • मिसाइल बनाने पर पाबंदी लगाई जाए।
  • क्षेत्र में आतंकी संगठनों को मिलने वाली मदद बंद हो।

ईरान का क्या कहना है

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 12 जून 2026 को कहा कि अमेरिका के साथ अभी तक किसी अंतिम समझौते पर मुहर नहीं लगी है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना कंट्रोल नहीं छोड़ेगा। साथ ही, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने के प्रस्ताव पर भी बातचीत चल रही है।

ताजा स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने संकेत दिए थे कि ईरान के साथ कोई डील जल्द हो सकती है और उन्होंने हमले की धमकियों को भी वापस ले लिया था। हालांकि, ईरान का कहना है कि अभी कोई अंतिम नतीजा नहीं निकला है। अब देखना होगा कि 60 दिनों की बातचीत की समय सीमा में क्या कोई ठोस फैसला हो पाता है।