Israeli PM Benjamin Netanyahu आज US President Donald Trump से फोन पर बात करने वाले हैं. इस बातचीत में राष्ट्रपति Trump के हालिया चीन दौरे और ईरान के मामले पर चर्चा होगी. इस समय मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और दुनिया देख रही है कि इन दोनों नेताओं की बातचीत से क्या निकलकर आता है.
Trump का चीन दौरा और ईरान पर क्या हुआ समझौता
President Donald Trump ने 13 से 15 मई 2026 तक चीन की यात्रा की. वहां उन्होंने चीनी नेता Xi Jinping से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता बनाने पर सहमति जताई. इस दौरान ट्रेड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ताइवान जैसे मुद्दों पर बात हुई. सबसे अहम बात यह रही कि अमेरिका और चीन दोनों इस बात पर सहमत हुए कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. Trump ने यह भी कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिका का नियंत्रण है.
ईरान का नया प्लान और लेबनान में तनाव
एक तरफ जहां बातचीत की तैयारी है, वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वे अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकते. ईरान ने जल्द ही Strait of Hormuz में ट्रैफिक मैनेजमेंट और टोल टैक्स लागू करने का ऐलान किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि वे दुश्मन देशों के सैन्य उपकरणों को वहां से गुजरने नहीं देंगे. दूसरी तरफ, इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम (ceasefire) होने के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इसराइल ने हवाई हमले किए हैं, जिसमें एक इसराइली सैनिक की मौत हो गई है.
क्या ईरान पर फिर होगा हमला
खबरें हैं कि अमेरिका और इसराइल अगले हफ्ते ईरान पर फिर से हमले करने की तैयारी कर रहे हैं. इसमें स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स को तैनात करना और परमाणु सामग्री को निशाना बनाना शामिल हो सकता है. इसराइल के एक बड़े अधिकारी ने संकेत दिया है कि वे युद्ध के लिए तैयार हैं और अब सिर्फ Trump के फैसले का इंतज़ार है. वहीं पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान पहुंचे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Netanyahu और Trump आज किस बारे में बात करेंगे?
वे मुख्य रूप से Trump के चीन दौरे और ईरान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे. इसराइल ईरान के प्रति अपनी सतर्कता बनाए रखना चाहता है और हर स्थिति के लिए तैयार है.
ईरान ने Strait of Hormuz को लेकर क्या ऐलान किया है?
ईरान ने वहां ट्रैफिक मैनेजमेंट और टोल टैक्स सिस्टम शुरू करने का प्लान बनाया है. साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि दुश्मन देशों के मिलिट्री सामान को वहां से निकलने पर रोक लगाएंगे.
