नई दिल्ली के ईरानी सांस्कृतिक केंद्र में एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। यहाँ भारत के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सय्यद अली खामेनेई को याद किया। यह कार्यक्रम उनके निधन के 40वें दिन यानी चेहलम के मौके पर रखा गया था, जहाँ लोगों ने ईरानी लोगों के साथ अपनी एकजुटता जताई और शोक व्यक्त किया।

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दिल्ली में शोक सभा और खास मेहमान

इस कार्यक्रम में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने हिस्सा लिया। उन्होंने भारतीय सरकार और यहाँ के लोगों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया। सभा में कई भारतीय अधिकारी और राजनीतिक नेता भी शामिल हुए। इससे पहले 4-5 मार्च 2026 को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास में जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए थे।

अयातुल्ला खामेनेई की मौत का मामला

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को तेहरान में हुई थी। ईरानी सरकार के मुताबिक उनकी मौत इजरायली हवाई हमलों की वजह से हुई, जिसमें अमेरिका ने भी साथ दिया था। उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि 1 मार्च 2026 को की गई। इसके बाद 8 मार्च को उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया उत्तराधिकारी चुना गया।

अन्य शोक कार्यक्रम और भागीदारी

12 मार्च 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में भी एक बैठक हुई थी। इसमें ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फताली और मौलाना काल्बे जवाद ने हिस्सा लिया। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने भी इस सिलसिले में ईरानी दूतावास का दौरा किया था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.