ओमाीन श्रम मंत्रालय ने घरेलू कामगारों (domestic works) के लिए नए नियम लागू किए हैं। ये नियम पहले के मुताबिक काफी सख्त हैं। मंत्रीय निर्णय नंबर 574/2025 के तहत बदलाव किए गए हैं। नए कानून का उद्देश्य काम की शर्तों को बेहतर बनाना, रोजगार को औपचारिक रूप देना और कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा करना है।

पुराने कानून को किया गया रद्द 

यह नया फैसला 2004 के पुराने नियम (निर्णय संख्या 189/2004) को रद्द करता है और विदेशी कामगारों की भर्ती से जुड़े पुराने फॉर्म्स को भी खत्म करता है।  आपको बता दें कि कानून सरकारी गजट में प्रकाशित होने के अगले दिन से लागू होगा और नियोक्ताओं व कर्मचारियों को तीन महीने का समय दिया गया है जिससे वे अपने अनुबंध को नए नियमों के अनुसार ठीक कर सकें।

इन कामगारों पर लागू होंगे नए नियम

नया कानून घर के नौकर, ड्राइवर, नैनी, माली, खेत मजदूर, चौकीदार, नर्स, रसोइया और जानवरों की देखभाल करने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा। सरकार ने इन्हें देश की घरेलू श्रमशक्ति का अहम हिस्सा माना है। कानून में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि इसमें दिए गए अधिकार न्यूनतम मानक हैं, यानी इससे कम शर्तों पर कोई समझौता मान्य नहीं होगा।

12 घंटे से ज्यादा नहीं कराया जायेगा काम

घरेलू कामगारों से दिन में 12 घंटे से ज्यादा काम नहीं कराया जा सकता। उन्हें कम से कम 8 घंटे का आराम मिलना जरूरी है (इसमें खाने या ब्रेक का समय शामिल नहीं होगा)। यदि नियोक्ता को अतिरिक्त काम चाहिए तो वे अधिकतम 2 घंटे ओवरटाइम करवा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी होगी। हर कामगार को हफ्ते में एक दिन की छुट्टी मिलेगी। अगर वह उस दिन भी काम करता है, तो उसे दुगना वेतन या एक और छुट्टी दी जाएगी।

साल में 21 दिनों की मिलेगी छुट्टी 

नए नियम के तहत अब कामगारों को साल में कम से कम 21 दिन की पेड (भुगतान वाली) छुट्टी मिलेगी। इसके साथ ही, मेडिकल सर्टिफिकेट देने पर साल में 30 दिन तक की बीमार छुट्टी भी दी जा सकेगी। नियोक्ता को कामगार का वेतन नियत तारीख के सात दिन के अंदर देना होगा या तो फिर बैंक ट्रांसफर से या हस्ताक्षरित रसीद के जरिए करना होगा।
वेतन से कटौती केवल कुछ सीमित कारणों से ही की जा सकती है, जैसे लापरवाही से नुकसान, अदालत द्वारा लगाया जुर्माना या उधार की वापसी  और यह कटौती कुल वेतन के 25% से ज्यादा नहीं हो सकती है।

सुरक्षा और नियोक्ता की जिम्मेदारियां

कानून के तहत जबरदस्ती काम कराना, पासपोर्ट या दस्तावेज़ जब्त करना, या किसी भी तरह का उत्पीड़न सख्त रूप से मना है।
21 साल से कम उम्र के कामगारों को नियुक्त करना भी गैरकानूनी होगा। नियोक्ता किसी से भर्ती शुल्क नहीं ले सकते और न ही कामगार को उसके निर्धारित काम से बाहर का काम दे सकते हैं। कामगारों को रहने की जगह, भोजन, स्वास्थ्य बीमा और आने-जाने की सुविधा देनी होगी, और रोजगार रिकॉर्ड कम से कम एक साल तक संभालकर रखना होगा। सभी अनुबंध मंत्रालय के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दर्ज किए जाएंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

नौकरी खत्म करने के अधिकार और सज़ा

यदि किसी कामगार के साथ दुर्व्यवहार होता है, धोखा दिया जाता है, या समय पर वेतन नहीं मिलता, तो वह बिना नोटिस दिए नौकरी छोड़ सकता है। ऐसे मामलों में नियोक्ता को उसकी सेवा समाप्ति राशि और वापसी (रीपैट्रिएशन) खर्च देना होगा। कामगारों को कानूनी मामलों में कोर्ट फीस से छूट दी गई है और भर्ती एजेंसियां उनकी ओर से अदालत में प्रतिनिधित्व कर सकती हैं। यदि कोई नियोक्ता कानून का उल्लंघन करता है, तो उस पर 50 से 500 ओमानी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना हर प्रभावित कर्मचारी के हिसाब से बढ़ेगा।

श्रम मंत्रालय ने कहा कि यह नया कानून रॉयल डिक्री नंबर 53/2023 और ओमान विज़न 2040 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य श्रम बाजार को आधुनिक बनाना और नैतिक रोजगार मानकों को बढ़ावा देना है।