by Lov Singh: वैश्विक स्तर पर कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इसी दरमियान अलग-अलग देश की सरकार है इसे कंट्रोल में रखने के लिए फिर से लॉकडाउन लगाना शुरू कर दिया है.

 

ताजा मामले में स्पेन के संसद में गुरुवार को 6 महीने तक के लिए स्टेट ऑफ इमरजेंसी घोषित कर दिया है.  वहां पर स्थानीय सरकारों को यह आदेश दिया गया है कि वह लोगों के चहल पहल पर प्रतिबंध लगाएं और रात्रि कर्फ्यू लगाएं इसके साथ ही सीमाओं को बंद करने का भी आदेश शामिल किया गया है. यह आदेश आज से ही लागूँ किया गया हैं.

 

ठंड के शुरुआत होने के साथ ही फ्रांस और जर्मनी की सरकारों ने भी कोरोनावायरस के दूसरे चरण को रोकने के लिए फिर से लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है.

 

यूरोप के सबसे बड़े इकोनामिक ताकत ने जब राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लगाना शुरू किया तो दुनिया की स्टॉक मार्केट में नीचे की ओर गोता लगाना शुरू कर दिया है और इसके साथ ही  सबसे बड़े रिसेशन की आशंकाएं भी अब लगनी शुरू हो गई हैं.  कई विशेषज्ञों का यह मानना है कि दोबारा से सरकारों के द्वारा लगाया जाना लॉकडाउन पीढ़ी की सबसे बड़ी रिसेशन को दावत देगी.

 

यह कहना  विशेषज्ञों द्वारा स्पष्ट है कि कोरोनावायरस की दूसरी अगर पहले से ज्यादा खतरनाक होगी और घातक भी होगी.

 

फ्रांस में लगाए गए नए लॉकडाउन के अनुसार आज शुक्रवार से लोगों को केवल जरूरी के सामान लेने के लिए ही घर से बाहर निकलने की इजाजत दी जाएगी और उन्हें घर से बाहर 1 घंटे व्यायाम करने के लिए छूट रहेगी.

वहीं जर्मनी की बात करें तो जर्मनी ने सारे बार को,  रेस्टोरेंट को,  थियेटर्स को 2 नवंबर से 30 नवंबर तक बंद रखने का आदेश दिया है हालांकि इसमें शैक्षणिक संस्थान खुले रहेंगे और दुकाने कड़े मापदंड के साथ खोले जाएंगे.

 

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Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।