नई ड्राइविंग लाइसेंस रूल्स, ई-चालान, फाइन, और टेस्टिंग सेंटर पर नये नियम लागू हुए हैं १ जून से आइये जानते हैं इस पूरे खबर की पूरी जानकारी।

1. ई-चालान का नया अपडेट:

अब तक, दो लाख से अधिक ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 44,706 का निपटारा पुलिस द्वारा और 5,093 का निपटारा कोर्ट द्वारा किया गया है। कुल चार करोड़ 26 लाख 76 हजार 400 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है।

2. आईटीएमएस सिस्टम:

आईटीएमएस (Intelligent Traffic Management System) जिले के 13 चौक-चौराहों पर स्थापित किया गया है, जिससे ऑनलाइन चालान की सुविधा मिलती है। हालांकि, वर्तमान में सीवर के काम के चलते सिस्टम बंद है और ऑनलाइन चालान जारी नहीं हो रहे हैं।

3. लाइसेंस नियमों में बदलाव:

जून 1 से परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और चालान के नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब ड्राइविंग टेस्ट देने की प्रक्रिया को परिवहन कार्यालय के साथ-साथ मान्यता प्राप्त निजी संस्थानों में भी पूरा किया जा सकता है।

4. ऑटो ड्राइविंग टेस्ट सेंटर:

जिले में एक ऑटो ड्राइविंग टेस्ट सेंटर (ADTC) अट्सलिया में निर्माणाधीन है। दो अन्य सेंटरों के लिए आवेदन किए गए हैं। इसके अलावा, दो वाहन फिटनेस सेंटर भी बनाए जाएंगे।

5. लाइसेंस और फिटनेस सेंटर:

जिले में अब तक 4,98,543 लाइसेंस जारी हो चुके हैं, जिनमें से 8,091 महिलाओं के हैं। 30 लाइसेंस पेंडिंग हैं। दो वाहन फिटनेस सेंटर भी बनाए जाएंगे।

6. नाबालिगों पर सख्ती:

नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और 25 साल तक नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा।

7. ट्रैफिक नियमों की सख्ती:

ट्रैफिक इंस्पेक्टर बालकृष्ण यादव ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने के कारण सबसे ज्यादा चालान होते हैं। गलत दिशा में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती बरती जाएगी।

8. चालान के आंकड़े:

अब तक, पुलिस द्वारा 44,706 और कोर्ट द्वारा 5,093 चालान का निपटारा किया गया है। एक लाख 72,255 ई-चालान अभी निपटाए जाने बाकी हैं। ट्रैफिक पुलिस रोजाना 250 से 300 चालान जारी करती है, जबकि ऑनलाइन चालान की औसत संख्या 600 है।

ड्राइविंग लाइसेंस और चालान के नियमों में बदलाव के साथ-साथ आईटीएमएस और नए टैस्टिंग सेंटर्स की स्थापना से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। नियमों का सख्ती से पालन कराना और नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकना बेहद जरूरी हो गया है।


ट्रैफिक नियमों में यह बदलाव निश्चित तौर पर सड़कों पर व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। चालक और पैदल यात्रियों दोनों के लिए यह बदलाव एक बेहतर भविष्य की दिशा में कदम हैं।

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।