कुवैत सरकार की ओर से एक कड़ा नियम लागू किया गया है. इस नए नियम के तहत यदि कोई निवासी या व्यवसाय अपने बिजली, पानी या अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के बिल का भुगतान नोटिस मिलने के 30 दिन के भीतर नहीं करता, तो उसकी सेवाएं स्वचालित रूप से निलंबित (suspend) कर दी जायेगी.

🔹 जानिए कानून का नाम

डिक्री-लॉ संख्या 75, वर्ष 2025
(Decree-Law No. 75 of 2025)

  • मंजूरी: कुवैती मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित

  • प्रकाशन: इस सप्ताह आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित

  • लागू होने की तिथि: कानून तीन महीने बाद प्रभावी होगा

🔹 नियम के मुख्य प्रावधान

  • बकाया भुगतान की समय सीमा:
    नोटिस मिलने के 30 दिनों के अंदर बिल का भुगतान अनिवार्य

  • सेवाओं पर प्रभाव:
    भुगतान न करने की स्थिति में बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं बंद कर दी जायेगी

  • प्रभावित उपयोगकर्ता:
    यह नियम निवासियों और व्यवसायों दोनों पर लागू होगा

  • डिजिटल निगरानी:
    मंत्रालय और सार्वजनिक संस्थान डिजिटल सिस्टम के ज़रिए सेवा बंद और पुनः चालू करने की प्रक्रिया को स्वचालित रूप से नियंत्रित करेंगे

🔹 क्या है कानून का उद्देश्य

  • फीस चोरी (fee evasion) की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाना

  • राजकोषीय घाटे से सरकारी वित्त की सुरक्षा

  • सार्वजनिक सेवाओं को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना

कुवैत सरकार के द्वारा यह नियम बिजली, पानी और टेलीकॉम जैसी सार्वजनिक यूटिलिटी सेवाओं के बकाया भुगतान में हो रहे व्यापक दुरुपयोग को रोकने के लिए लागू किया गया है.

प्रमुख कारण

  • सार्वजनिक सेवाओं का अनुचित उपयोग:
    दरअसल कुवैत में बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिना समय पर भुगतान किए लगातार सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं.

  • बकाया राशि में भारी वृद्धि:
    बिलों का भुगतान नहीं होने से बकाया (arrears) लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकारी बजट पर भारी दबाव पड़ रहा है.

  • वित्तीय असंतुलन का खतरा:
    यह समस्या राजकोषीय असंतुलन (fiscal strain) और सेवाओं की गुणवत्ता में गिरावट की दर्शाता है.

🔹 सरकारी उपाय
  • डिक्री-लॉ संख्या 75 के अंतर्गत 30 दिनों के भीतर बिल का भुगतान अनिवार्य बनाया गया है.

  • भुगतान नहीं करने की स्थिति में सेवाएं स्वचालित रूप से निलंबित कर दी जायेगी.

  • सभी मंत्रालय और सार्वजनिक संस्थान अब डिजिटल सिस्टम के माध्यम से सेवाएं बंद व चालू करने की प्रक्रिया नियंत्रित करेंगे.