भारतीय नागरिकों को विदेश यात्रा के दौरान नकदी ले जाने के नियमों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, यदि यात्री नियमों का पालन नहीं करते हैं तो उनके पैसे जब्त किए जा सकते हैं और उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। इन नियमों की जानकारी न होना परेशानी का कारण बन सकता है, इसलिए एयरपोर्ट जाने से पहले इन बातों को जानना बहुत जरूरी है।
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विदेशी मुद्रा और भारतीय नोटों की सीमा
भारत से बाहर जाने वाले किसी भी भारतीय निवासी को अधिकतम ₹25,000 भारतीय मुद्रा (INR) साथ रखने की अनुमति है। यदि बात विदेशी मुद्रा की करें, तो विदेश यात्रा के लिए नकद रूप में अधिकतम USD 3,000 या इसके बराबर की राशि ले जाई जा सकती है। इससे ज्यादा रकम होने पर यात्रियों को फॉरेक्स कार्ड या ट्रैवलर्स चेक का उपयोग करना अनिवार्य है।
भारत आगमन और घोषणा के नियम
जब कोई यात्री भारत वापस आता है और उसके पास USD 5,000 से अधिक नकद विदेशी मुद्रा हो, या फिर विदेशी मुद्रा, चेक और कार्ड मिलाकर कुल राशि USD 10,000 से अधिक हो, तो इसकी जानकारी सीमा शुल्क अधिकारियों को देना अनिवार्य है। इसके लिए एयरपोर्ट पर करेंसी डिक्लेरेशन फॉर्म (CDF) भरा जा सकता है या ATITHI मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। ऐसा न करने पर जुर्माना और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
विशेष देशों के लिए छूट
नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए ₹25,000 तक की नकदी ले जाने की छूट है, लेकिन इसमें केवल ₹200 और ₹500 के नोट ही मान्य हैं जो 9 नवंबर 2016 के बाद जारी किए गए हों। इराक और लीबिया के लिए USD 5,000 तक की नकदी ले जाई जा सकती है। वहीं, ईरान, रूस, सीआईएस देशों या हज/उमराह की यात्रा करने वाले यात्री अपनी पूरी फॉरेन एक्सचेंज अलाउंस यानी USD 250,000 तक की राशि लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत नकद ले जा सकते हैं।
