भारतीय बैंकिंग संघ के द्वारा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हुए कर्मचारियों के वेतन के बढ़ोतरी के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी और अब सरकार की तरफ से ऐसा सहमति दिया गया है जिसके वजह से देश भर के 9 लाख कर्मचारियों को सीधे तौर पर वेतन के बढ़ोतरी के रूप में नया तोहफा मिल गया है। आई सिलसिलेवार ढंग से बिंदुओं में समझते हैं इस पूरे खबर को।

  1. वेतन वृद्धि पर सहमति:
    • भारतीय बैंक संघ (IBA) और यूनियनों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 17% वेतन वृद्धि पर सहमति जताई है, जिसकी कुल राशि ₹12,449 करोड़ है। इस निर्णय से लगभग नौ लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
  2. महत्वपूर्ण बैठक और समझौता:
    • 7 दिसंबर 2023 को IBA और श्रमिक संघों के प्रतिनिधियों के बीच वेतन संशोधन पर चर्चा हुई और एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस वेतन संशोधन पर अंतिम निर्णय 180 दिनों के भीतर किया जाएगा।
  3. वेतन संशोधन MoU की मुख्य बातें:
    • वेतन वृद्धि 1 नवंबर 2022 से लागू होगी और यह पांच वर्षों के लिए होगी।
    • वार्षिक पे स्लिप खर्च के आधार पर वेतन और भत्तों में 17% की वृद्धि होगी।
  4. पेंशन अपडेशन पर चर्चा जारी:
    • सभी सेवानिवृत्त लोगों के लिए पेंशन अपडेशन की मांग अभी भी चर्चा में है।
    • 31 अक्टूबर 2022 तक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों को एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया राशि पर विचार किया जाएगा।
  5. बैंकों के लिए अन्य निर्णय:
    • IBA ने बैंकिंग उद्योग के लिए सभी शनिवारों को अवकाश के रूप में सरकार के समक्ष सिफारिश की है।
    • प्राइवेट सेक्टर और विदेशी बैंकों के पेंशनभोगियों के लिए एक्स-ग्रेशिया भुगतान सहित सभी मुद्दों का संतोषजनक समाधान किया जाएगा।

अगर नए निर्णय के ऊपर सरकार की सहमति होती है तो जल्द ही बैंकिंग केवल सोमवार से शुक्रवार तक के लिए सीमित कर दिया जाएगा और शनिवार को पूर्ण रूप से अवकाश के रूप में घोषित कर दिया जाएगा।

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।