नई दिल्ली की स्पेशल NIA कोर्ट ने बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चल रही जांच के लिए एजेंसी को 45 दिन का और समय दिया है। ये लोग मेघालय बॉर्डर के रास्ते गैरकानूनी तरीके से भारत में घुसे थे। NIA अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

कोर्ट ने यह फैसला हाल ही में सुनाया है। इससे पहले 16 जून 2026 को कोर्ट ने जांच की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर 135 दिन कर दी थी। NIA ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि जांच पूरी करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत है।

इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनके नाम राहुल उर्फ़ फैसल करीम मसूद, আলমगीर हुसैन और फिलिप संगमा हैं। 19 जून 2026 को वेकेशन जज मीनू कौशिक ने इन तीनों आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

UAPA के तहत चल रही है जांच

NIA इस पूरे मामले की जांच UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत कर रही है। इस केस का संबंध बांग्लादेश के ढाका में राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की मौत से है, जिनकी दिसंबर 2025 में हत्या कर दी गई थी।

जांच के दौरान NIA को कुछ नए सबूत और सामग्री मिली है। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 8 जून 2026 को एजेंसी को प्राप्त हुई। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल पुलिस की STF से भी कुछ रिकॉर्ड मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

कोर्ट की कार्यवाही के दौरान NIA की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी, वकील जतिन, अमित रोहिला और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर खुशदीप गौर ने अपनी बात रखी। वहीं, आरोपियों की तरफ से वकील शशांक राय ने दलीलें पेश करते हुए और हिरासत का विरोध किया।