भारतीय शेयर बाजार में 2 अप्रैल 2026 को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में ही निफ्टी और सेंसेक्स 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने मध्य पूर्व के संघर्ष पर अपनी स्थिति साफ की। इससे बाजार में युद्ध रुकने की जो उम्मीद बनी हुई थी, वह अब खत्म हो गई है। ट्रंप के इस रुख से निवेशकों में चिंता का माहौल है और इसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर पड़ा है।

बाज़ार में अचानक गिरावट क्यों आई?

भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताज़ा संबोधन के कारण हुई है। 1 अप्रैल 2026 की रात ट्रंप ने मध्य पूर्व के संघर्ष और ईरान के साथ चल रहे तनाव पर अपनी बात रखी। बाजार को उम्मीद थी कि वह किसी ठोस शांति योजना या युद्धविराम का ऐलान करेंगे, लेकिन उन्होंने इसके बजाय और कड़ी कार्रवाई करने के संकेत दिए। ट्रंप ने कहा कि वह अगले कुछ हफ्तों में ईरान पर और भी कड़ी कार्रवाई करेंगे और काम पूरा करेंगे। इस बयान ने युद्ध रुकने की उन तमाम उम्मीदों को खत्म कर दिया जो मार्च के अंत में बनी थीं।

भारतीय निवेशकों और तेल की कीमतों पर असर

ट्रंप के आक्रामक रुख के कारण न केवल भारतीय बल्कि वैश्विक बाजारों में भी बिकवाली देखी गई। 2 अप्रैल की सुबह निफ्टी 50 और सेंसेक्स दोनों ही 2 प्रतिशत से ज्यादा नीचे गिर गए। ट्रंप के भाषण के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ गई, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया। प्रमुख डेटा पॉइंट्स नीचे दिए गए हैं:

विषय विवरण
निफ्टी 50 गिरावट 2 प्रतिशत से अधिक (सुबह के कारोबार में)
कच्चा तेल (Brent Crude) 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर
निफ्टी क्लोजिंग (1 अप्रैल) 22,331.40 (2.14% की गिरावट)
मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर आक्रामक बयान

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में किसी निश्चित युद्धविराम की कमी के कारण आने वाले दिनों में भी बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ट्रंप के इस बयान ने निवेशकों के बीच शांति की संभावनाओं को फिलहाल खत्म कर दिया है।