भारतीय शेयर बाजार के लिए 30 मार्च 2026 का दिन काफी नुकसान भरा रहा। निफ्टी 50 में 488.20 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह 22,331.40 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह बीएसई सेंसेक्स भी 1635.67 अंक गिरकर 71,947.55 पर आ गया। बाजार में लगातार दूसरे दिन यह गिरावट देखी गई है जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को इस गिरावट की मुख्य वजह माना जा रहा है।

बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?

बाजार गिरने के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आशंका से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले 20 दिनों से लगातार बिकवाली की है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी गिरकर 95.24 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट का असर सभी सेक्टरों पर पड़ा है और ऑटो, बैंकिंग और टेलीकॉम जैसे सेक्टर के शेयर 2 से 4 फीसदी तक टूट गए हैं।

सस्ते हुए डिविडेंड देने वाले शेयर और एक्सपर्ट की राय

बाजार के गिरने से कुछ अच्छे डिविडेंड देने वाले शेयर अब कम कीमत पर उपलब्ध हैं। हालांकि जानकारों ने सलाह दी है कि निवेशकों को अभी जल्दबाजी में एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। गिरावट के दौर में उन कंपनियों पर नजर रखना बेहतर होता है जिनकी बुनियादी स्थिति मजबूत है। हाल ही में कुछ कंपनियों ने डिविडेंड की घोषणा की थी जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:

कंपनी का नाम डिविडेंड राशि (प्रति शेयर) रिकॉर्ड डेट
Castrol India 5.25 रुपये 23 मार्च 2026
India Glycols 7.5 रुपये 23 मार्च 2026
Power Finance Corporation (PFC) 3.25 रुपये 23 मार्च 2026

निवेशकों के लिए जरूरी सावधानियां

विशेषज्ञों का कहना है कि जब बाजार गिर रहा हो तो भावनात्मक फैसले लेने से बचना चाहिए। घबराहट में आकर अपने पोर्टफोलियो को बेचना नुकसानदेह हो सकता है। बाजार के सबसे निचले स्तर का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है इसलिए धीरे-धीरे खरीदारी करना एक बेहतर रणनीति हो सकती है। बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और एसबीआई जैसे बड़े शेयरों में भी इस दौरान काफी बिकवाली देखी गई है। किसी भी निवेश से पहले कंपनी के पुराने प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं की जांच करना सबसे जरूरी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.