भगोड़े हीरा कारोबारी Nirav Modi को भारत लाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन उसे वापस लाने की प्रक्रिया में अभी और वक्त लग सकता है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को यह स्पष्ट किया है कि प्रत्यर्पण केवल ब्रिटेन की कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद ही संभव होगा। मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि सरकार इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी भगोड़े अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी
55 वर्षीय नीरव मोदी साल 2019 से लंदन की Pentonville Prison में बंद है। वह भारत में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ हुए बड़े धोखाधड़ी मामले में आरोपी है, जिसमें फर्जी गारंटी के जरिए विदेशी कर्ज लेने का आरोप है। लंदन की हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में मोदी की प्रत्यर्पण मामले को फिर से खोलने की याचिका खारिज कर दी थी, जिसे भारत की कानूनी जीत के तौर पर देखा गया था।
कानूनी दांव-पेच और देरी पर नाराजगी
इस पूरे मामले में हो रही देरी पर पूर्व ब्रिटिश गृह मंत्री Priti Patel ने भी अपनी नाराजगी जताई थी। उन्होंने साल 2021 में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। उनका कहना है कि इस देरी का असर भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों पर, विशेषकर अवैध प्रवासियों की वापसी जैसे मुद्दों पर पड़ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीरव मोदी अभी भी कानूनी राहत पाने के लिए यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का रुख कर सकता है, हालांकि कई कानूनी विकल्प वह पहले ही इस्तेमाल कर चुका है।
