केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते जोखिमों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मिडिल ईस्ट के तनाव और Strait of Hormuz में हो रही दिक्कतों से भारत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि PM Modi की सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम घरों और अर्थव्यवस्था में सामान की सप्लाई में कोई कमी न आए।

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वित्त मंत्री ने ये बातें रविवार, 14 जून 2026 को बेंगलुरु, कर्नाटक में आयोजित ‘Viksit Bharat’ कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने भारत की आर्थिक तरक्की के बारे में बात करते हुए कहा कि दुनिया के बड़े देशों में भारत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। उन्होंने विपक्ष के दावों को नकारते हुए कहा कि भारत के आर्थिक आधार बहुत मजबूत हैं और देश में कोई बड़ा संकट नहीं आने वाला है।

सप्लाई चेन और वैश्विक चुनौतियां

Sitharaman ने बताया कि मिडिल ईस्ट संकट और Strait of Hormuz में रुकावटों की वजह से शिपिंग में कई समस्याएं आ रही हैं। जहाजों की कमी, कंटेनरों की अनुपलब्धता और जहाजों के बीमा प्रीमियम में बढ़ोतरी जैसी दिक्कतें सामने आई हैं। इसके बावजूद सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि देश के अंदर सप्लाई चेन प्रभावित न हो।

इस बीच, अमेरिका ने भारत को संकेत दिए हैं कि Strait of Hormuz में उसके नाकेबंदी के नियमों का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी तनाव के बीच वित्त मंत्री ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए सप्लाई चेन को मजबूत और विविध बनाने की वकालत की है।

आर्थिक आंकड़े और विकास

वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में डिजिटल ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं की मदद से करीब 25 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। कर्नाटक राज्य के बारे में उन्होंने कहा कि 2014 से 2026 के बीच राज्य को 4 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय टैक्स मिला है, जो 2014 से पहले की तुलना में पांच गुना ज्यादा है।

विवरण आंकड़ा/जानकारी
NSO द्वारा FY26 के लिए अनुमानित ग्रोथ 7.4%
RBI द्वारा FY27 के लिए संशोधित ग्रोथ 6.6%
गरीबी से बाहर निकले लोग 25 करोड़
कर्नाटक को मिला टैक्स (2014-2026) 4 लाख करोड़ रुपये
RBI द्वारा ग्रोथ अनुमान में कटौती का कारण ऊर्जा कीमतों में वृद्धि और सप्लाई चेन समस्या

इसके अलावा, वित्त मंत्री ने उडुपी में एक कार्यक्रम के दौरान ‘Viksit Bharat 2047’ के लक्ष्य को पाने के लिए Gross District Domestic Product (GDDP) मॉडल को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए जिला स्तर पर आर्थिक विकास को समझना जरूरी है।