NITI Aayog में प्रोफेसर गोवर्धन दास को फुल टाइम मेंबर बनाया गया है। पश्चिम बंगाल के एक दूरदराज गांव के किसान परिवार से आने वाले प्रोफेसर दास ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक पद नहीं है, बल्कि उन लाखों आम लोगों के सपनों और उम्मीदों की झलक है जो साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं।
प्रोफेसर गोवर्धन दास कौन हैं और उनका सफर क्या रहा?
प्रोफेसर गोवर्धन दास फिलहाल IISER भोपाल के डायरेक्टर हैं। वे मॉलिक्यूलर साइंस के जाने-माने प्रोफेसर हैं और इम्यूनोलॉजी और टीबी जैसी बीमारियों पर उनके रिसर्च की पूरी दुनिया में पहचान है। इससे पहले वे JNU में प्रोफेसर के तौर पर काम कर चुके हैं। प्रोफेसर दास ने दलित समुदाय के एक साधारण किसान परिवार में जन्म लिया और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुँचे।
NITI Aayog में और किन बड़े नामों की हुई नियुक्ति?
सरकार ने NITI Aayog का पुनर्गठन किया है जिसमें कई विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। Ashok Lahiri को नया वाइस चेयरमैन बनाया गया है, जो पहले भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार और 15वें वित्त आयोग के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा प्रोफेसर के. वी. राजू, प्रोफेसर अभय करंदीकर, डॉक्टर एम. श्रीनिवास और पूर्व कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को भी सदस्य बनाया गया है। इन्होंने वी. के. पॉल, वी. के. सारस्वत और अरविंद विरमानी जैसे पुराने सदस्यों की जगह ली है।
PM मोदी ने क्या कहा और आगे क्या होगा लक्ष्य?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नए सदस्यों को बधाई दी और प्रोफेसर दास की मेहनत और सादगी की तारीफ की। PM मोदी ने कहा कि NITI Aayog देश की पॉलिसी बनाने में एक मजबूत स्तंभ की तरह काम कर रहा है जिससे लोगों का जीवन आसान (Ease of Living) हो सके। प्रोफेसर दास ने भरोसा दिलाया कि वे दूरदराज के इलाकों, किसान समुदाय और आम लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।