केरल हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पुलिस बिना विधिवत प्रक्रिया का पालन किए बिना पत्रकारों के फोन को जब्त नहीं कर सकती। इसे कहा गया है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनकी आवश्यकताओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

पत्रकार के फोन का जब्त

यदि किसी केस के लिए पत्रकारों के फोन की आवश्यकता होती है, तो दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों के अनुसार ही फोन को जब्त किया जा सकता है। यह आदेश एक मलयालम दैनिक के पत्रकार जी विशाकन की याचिका पर आया था।

न्यूज चैनल के संपादक को राहत

सुप्रीम कोर्ट ने स्कारिया को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। इसके पहले, केरल की एक विशेष अदालत ने स्कारिया को राहत देने से इन्कार कर दिया था।

महत्वपूर्ण जानकारी

सूचना विवरण
अदालत केरल हाईकोर्ट
पत्रकार जी विशाकन
फैसला पुलिस किसी पत्रकार का फोन कानून के तहत प्रक्रिया का पालन किए बिना जब्त नहीं कर सकती
अधिनियम सीआरपीसी
एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एक मामले शजान स्कारिया के खिलाफ लगाया गया था
सुप्रीम कोर्ट का फैसला शजान स्कारिया को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की
Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।