सरकार ने फ्री राशन योजना के तहत बड़े बदलाव की घोषणा की है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत अब केवल जरूरतमंदों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा। जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं, जैसे कि निजी चौपहिया वाहन मालिक, उन्हें योजना से बाहर करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

चौपहिया वाहन मालिक होंगे बाहर

31 जनवरी 2025 के बाद निजी चौपहिया वाहन मालिकों को फ्री राशन योजना का लाभ नहीं मिलेगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस निर्णय के तहत परिवहन विभाग से चौपहिया वाहन मालिकों के आधार कार्ड का डेटा मांगा है।

  • छूट: ट्रैक्टर, डंपर और ट्रैवल बस जैसे वाणिज्यिक वाहन मालिकों को छूट दी गई है।
  • सख्ती: निजी वाहन मालिकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

 

आधार कार्ड से पात्रता की जांच

सरकार आधार कार्ड के जरिए पात्रता की जांच करेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों को मिले।

कम आय वालों को राहत, उच्च आय वालों पर रोक

  • जिनकी मासिक आय ₹15,000 से कम है, उन्हें पीले राशन कार्ड दिए जाएंगे।
  • जिनकी वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक है, उन्हें योजना से बाहर किया जाएगा।
    सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक पहुंचे।

लंबित आवेदनों का तेजी से निपटारा

जिला कार्यालयों और उपखंड मुख्यालयों में NFSA के तहत लंबित आवेदनों को प्राथमिकता दी जा रही है। बच्चों और विवाहित महिलाओं के नाम राशन कार्ड में जोड़ने की प्रक्रिया भी तेज की गई है।

“गिव अप” अभियान से पारदर्शिता

राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने “गिव अप” अभियान शुरू किया है। इसके तहत:

  • पात्रता की जांच के लिए विशेष कमेटी बनाई गई है।
  • यह कमेटी परिवहन विभाग से मिले डेटा के आधार पर पात्रता सुनिश्चित करेगी।

 

मुख्य बिंदु नियम और बदलाव
चौपहिया वाहन मालिक योजना से बाहर किए जाएंगे।
मासिक आय ₹15,000 से कम होने पर पात्र।
वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक होने पर बाहर।
पारदर्शिता के लिए “गिव अप” अभियान पात्रता की सख्त जांच।