पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले लाखों भारतीयों के मन में सुरक्षा को लेकर कुछ चिंताएं थीं। इस बीच पूर्व भारतीय राजदूत संजय सुधीर ने स्पष्ट किया है कि वहां से भारतीयों के वापस आने का कोई बड़ा सिलसिला शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि UAE की सुरक्षा और डिफेंस सिस्टम काफी मजबूत है और लोग वहां पहले की तरह ही सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

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UAE में भारतीयों की सुरक्षा को लेकर क्या बोले अधिकारी?

पूर्व राजदूत संजय सुधीर के अनुसार, दुबई और अन्य अमीरात में पहले भी संकट के समय मजबूती से वापसी करने का इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि UAE की रक्षा प्रणाली हमलों को रोकने में सक्षम है और हाल के दिनों में जो भी मामूली चोटें आई हैं, वे सीधे हमले से नहीं बल्कि मलबे के गिरने से हुई हैं। भारत और UAE के रिश्ते काफी गहरे हैं और वहां की सरकार भारतीयों को अपने परिवार की तरह मानती है।

  • UAE में लगभग 40 लाख भारतीय नागरिक निवास करते हैं।
  • UAE के राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने भरोसा दिलाया है कि भारतीयों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी UAE के राष्ट्रपति से सुरक्षा और शांति को लेकर चर्चा की है।
  • अबू धाबी और दुबई में भारतीय दूतावास ने प्रवासियों की मदद के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।

हाल की घटनाओं और राहत कार्यों का क्या है अपडेट?

भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अधिकारियों ने ताजा आंकड़ों के जरिए स्थिति स्पष्ट की है। हालांकि कुछ लोग अपनी मर्जी या काम पूरा होने पर भारत लौटे हैं, लेकिन इसे संकट की वजह से पलायन नहीं कहा जा सकता। सरकार ने प्रवासियों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में दूतावास से संपर्क करें।

स्थान और घटना प्रभावित भारतीय तारीख
अजमान, अबू धाबी 5 लोगों को मामूली चोटें 3 अप्रैल 2026
उम अल कुवैन, UAE 1 व्यक्ति घायल 2 अप्रैल 2026
पश्चिम एशिया (कुल प्रवासी) 1 करोड़ से ज्यादा ताजा रिपोर्ट
वापस लौटे नागरिक करीब 4.75 लाख अप्रैल 2026 तक

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रवासियों की सहायता के लिए 24/7 हेल्पलाइन काम कर रही है। सरकार ने उन लोगों के लिए विशेष उड़ानों की सुविधा भी सुनिश्चित की है जो किसी कारणवश फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने दोहराया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं।