नोएडा के हजारों घर खरीदारों के लिए साल की शुरुआत बेहद राहतभरी खबर के साथ हुई है। खासकर सेक्टर 150 यानी ‘स्पोर्ट्स सिटी’ में अपने सपनों का आशियाना बुक कराने वाले परिवारों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को हुई अपनी बोर्ड बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए यहां फंसी परियोजनाओं का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के बाद अब लगभग 10,000 फ्लैट खरीदारों को उनके घर की चाबी और मालिकाना हक मिलने का सपना सच हो सकेगा।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण ने हटाई रोक, ‘लोट्स ग्रीन’ और अन्य प्रोजेक्ट्स में निर्माण कार्य अब पकड़ेगा रफ्तार

शनिवार (3 जनवरी 2026) को हुई नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में सेक्टर 150 की ‘स्पोर्ट्स सिटी’ परियोजना पर लगी रोक को आधिकारिक तौर पर हटा दिया गया है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। प्राधिकरण ने ‘लोट्स ग्रीन’ (Lotus Greens) के प्रोजेक्ट (प्लॉट नंबर SC-02) और उससे जुड़े अन्य बिल्डरों की परियोजनाओं पर लगी पाबंदियों को समाप्त कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर यह होगा कि अब संबंधित बिल्डर्स अपने रुके हुए नक्शे पास करवा सकेंगे और निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे, जिससे वर्षों से अटके हुए प्रोजेक्ट्स में जान आएगी।

गोदरेज के प्रोजेक्ट के 6 टावरों को मिला अधिभोग प्रमाणपत्र (OC), इन टावरों के खरीदारों को जल्द मिलेगा मालिकाना हक

बोर्ड बैठक में खरीदारों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी निकलकर सामने आई है। प्राधिकरण ने गोदरेज (Godrej) के एक प्रमुख प्रोजेक्ट के 6 टावरों को सशर्त ‘अधिभोग प्रमाणपत्र’ यानी ओसी (OC) जारी कर दिया है। जिन टावरों को यह मंजूरी मिली है उनमें A-1, A-2, B-1, B-2, B-3 और C-1 शामिल हैं। ओसी मिलने का मतलब है कि ये टावर रहने के लिए पूरी तरह सुरक्षित और तैयार हैं। अब इन टावरों में घर खरीदने वाले लोग कानूनी रूप से अपने फ्लैट में शिफ्ट हो सकेंगे और उनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी शुरू हो सकेगी।

बिल्डरों के लिए शर्तें सख्त: तीन साल के भीतर विकसित करनी होंगी खेल सुविधाएं, बकाया भुगतान करना भी अनिवार्य

राहत देने के साथ ही नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों पर नकेल भी कसी है। रोक हटाने के बदले बिल्डरों के सामने सख्त शर्तें रखी गई हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिल्डरों को अगले 3 साल के अंदर अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं (Sports Facilities) जैसे स्टेडियम, कोर्ट आदि विकसित करनी होंगी, जो कि ‘स्पोर्ट्स सिटी’ की मूल अवधारणा थी। इसके अलावा, बिल्डरों को प्राधिकरण का बकाया भुगतान भी समय पर करना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर खेल सुविधाएं विकसित नहीं की गईं या नियमों का उल्लंघन हुआ, तो प्राधिकरण फिर से सख्त कार्रवाई कर सकता है।

रुकी हुई रजिस्ट्रियों का सिलसिला अब होगा शुरू, हजारों परिवारों को कानूनी रूप से मिलेगा उनके घर का कब्जा

इस फैसले का सबसे बड़ा असर आम घर खरीदारों पर पड़ने वाला है। जिन लोगों के फ्लैट बनकर तैयार थे लेकिन ओसी (OC) न मिलने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो पा रही थी, उनके लिए अब सब-रजिस्ट्रार ऑफिस के दरवाजे खुल जाएंगे। जो लोग बिना रजिस्ट्री के अपने फ्लैट्स में रह रहे थे या पजेशन (कब्जा) का इंतज़ार कर रहे थे, उन्हें अब अपने घर का पूर्ण मालिकाना हक मिल सकेगा। साथ ही, जो प्रोजेक्ट्स आधे-अधूरे पड़े थे, वहां निर्माण कार्य शुरू होने से निवेशकों में भी भरोसा लौटेगा।

GulfHindi Desk

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