उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास से पहले बढ़ाया तनाव

Nura Basta12 August 20263 min read72 viewsWorld
उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास से पहले बढ़ाया तनाव

दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच होने वाले बड़े वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास से ठीक पहले उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है। उत्तर कोरिया ने बुधवार सुबह ईस्ट सी की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी है, जिससे कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है। दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, एक हफ्ते से भी कम समय के भीतर उत्तर कोरिया की तरफ से किया गया यह दूसरा मिसाइल लॉन्च है, जिसको लेकर आसपास के देशों ने भी गहरी चिंता जताई है।

वॉनसन इलाके से सुबह 6 बजे दागी गई मिसाइल

दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ यानी जेसीएस ने जानकारी दी कि इस मिसाइल लॉन्च का पता बुधवार सुबह करीब 6 बजे पूर्वी तट के वॉनसन इलाके से चला। इस मिसाइल ने उड़ान भरते हुए 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की। फिलहाल दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी सैन्य अधिकारी इस मिसाइल के प्रकार और इसकी तकनीकी विशेषताओं का बहुत बारीकी से विश्लेषण करने में जुटे हुए हैं ताकि यह साफ हो सके कि किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

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कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल होने का अनुमान

हालांकि सेना की तरफ से अभी तक मिसाइल के प्रकार की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसकी उड़ान की दूरी को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह एक कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है। उत्तर कोरिया के पास केएन-23 जैसी कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं, जिनकी कार्य प्रणाली काफी हद तक रूस की इस्कंदर मिसाइल जैसी मानी जाती है। इन मिसाइलों की अनुमानित अधिकतम रेंज आमतौर पर 700 से 800 किलोमीटर के आसपास होती है, जो इस बार की दूरी से मेल खाती है। यह नया मिसाइल परीक्षण ठीक पिछले गुरुवार को हुए लॉन्च के छह दिन बाद किया गया है।

उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास से पहले बढ़ी हलचल

यह ताजा मिसाइल परीक्षण ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आया है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका अगले हफ्ते अपना प्रमुख वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। प्योंगयांग की सरकार हमेशा से ही इन संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बहुत कड़ी आलोचना करती आई है और इन्हें खुले तौर पर युद्ध की तैयारी बताती है। उत्तर कोरिया का पुराना इतिहास रहा है कि वह ऐसे सैन्य अभ्यासों के दौरान या फिर उनके शुरू होने से ठीक पहले अपने हथियारों का परीक्षण करके अपना कड़ा विरोध दर्ज कराता है।

विशेषज्ञों की राय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कोरियन स्टडीज के वरिष्ठ प्रोफेसर यांग मू-जिन का कहना है कि बुधवार का यह परीक्षण पिछले हफ्ते के उस लॉन्च को दोहराने की कोशिश हो सकता है जो शायद विफल हो गया था। जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया यूक्रेन में जारी युद्ध को ध्यान में रखते हुए अपनी ह्वासोंग-11 मिसाइलों को अपग्रेड करने की क्षमता का परीक्षण कर रहा होगा, जिन्हें विशेष रूप से सामरिक परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। इस लगातार हो रही गतिविधियों के बाद दक्षिण कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी ऑफिस यानी एनएसओ ने तुरंत एक आपातकालीन बैठक बुलाई और इन कार्रواइयों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का खुला उल्लंघन बताया। साथ ही, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के अधिकारियों ने फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की सुरक्षा पर चर्चा की है।

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