यूएई में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया की मशहूर दवा निर्माता कंपनी Novo Nordisk ने यूएई में अपना एक बड़ा रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर यानी क्षेत्रीय वितरण केंद्र खोलने की घोषणा की है। यह पूरी दुनिया में कंपनी का ऐसा तीसरा ही सेंटर होगा। इस नए फार्मा हब के शुरू होने से खाड़ी देशों, अफ्रीका और मध्य एशिया के करीब 70 देशों के 26 लाख से अधिक मरीजों को समय पर और आसानी से इलाज मिल सकेगा। इस कदम से यूएई की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।
यूएई को क्यों चुना गया इस बड़े हब के लिए?
दवा कंपनी Novo Nordisk ने इस फैसले के पीछे यूएई के मजबूत लॉजिस्टिक्स सिस्टम, स्थिर कारोबारी माहौल और निवेश के लिए बेहतरीन सुविधाओं को वजह बताया है। यूएई सरकार ने जिस तरह से स्वास्थ्य क्षेत्र और दवाओं के मैनेजमेंट को आधुनिक बनाया है, उससे बाहरी कंपनियों का भरोसा यहाँ बहुत बढ़ा है। इस सेंटर के खुलने से यहाँ दवाओं की सप्लाई काफी तेज़ और आसान हो जाएगी। इस फैसले की घोषणा 22 मई 2026 को की गई है।
अधिकारियों ने इस फैसले पर क्या कहा?
एमिरेट्स ड्रग एस्टेब्लिशमेंट (EDE) के चेयरमैन और राज्य मंत्री महामहिम सईद बिन मुबारक अल हजेरी ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के बड़े हब बनने से वैश्विक दवा सप्लाई चेन में यूएई की पकड़ और मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि दवा सुरक्षा अब देश की आर्थिक सुरक्षा का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। इसके अलावा, डॉ. फातिमा अल काबी ने भी कहा कि यूएई का बेहतरीन ढांचा इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा जगह बनाता है।
स्थानीय लोगों और प्रवासियों को क्या होगा फायदा?
Novo Nordisk यहाँ केवल एक डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर ही नहीं खोल रही है, बल्कि वह यहाँ एक साइंटिफिक ऑफिस भी स्थापित करेगी। इसके साथ ही यूएई के नागरिकों के लिए टैलेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम भी चलाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और ट्रेनिंग के नए मौके मिलेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए भी दवाओं की उपलब्धता बेहद आसान और सुलभ हो जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यूएई में बन रहे इस नए फार्मा हब का फायदा किन देशों को मिलेगा?
इस नए सेंटर से खाड़ी देशों, अफ्रीका और मध्य एशिया के करीब 70 देशों को दवाओं की सप्लाई की जाएगी।
इस सेंटर से कितने मरीजों को सीधे मदद मिलने की उम्मीद है?
कंपनी के अनुसार, इस रीजनल डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के जरिए लगभग 26 लाख से अधिक मरीजों तक जीवन रक्षक दवाएं और इलाज आसानी से पहुंच सकेगा।
