यांगो ग्रुप ने यास्मीना नाम की नई AI असिस्टेंट को ओमान में लॉन्च किया है। यह एक इंसानों जैसी आवाज़ में बात करने वाली असिस्टेंट है जो अरबी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में बात कर सकती है। इसे यांगो के स्मार्ट स्पीकर्स मिडी, मिनी और लाइट में इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह असिस्टेंट सिर्फ म्यूजिक चलाने या स्मार्ट डिवाइस कंट्रोल करने तक सीमित नहीं है। यास्मीना खासतौर पर ओमान के लोगों के लिए बनाई गई है। इसलिए यह मस्कट के लिए सटीक नमाज़ के समय बता सकती है। ओमानी पारंपरिक व्यंजन जैसे “शुवा” की रेसिपी दे सकती है और घूमने की जगहों के बारे में सुझाव भी देती है।

धार्मिक ज़रूरतों के लिए भी यास्मीना बहुत उपयोगी है। इससे आप कुरान की सूरह सुन सकते हैं, अज़ान का अलार्म लगा सकते हैं और हिजरी कैलेंडर की तारीखें जान सकते हैं।

शिक्षा में भी यह असिस्टेंट मददगार है। यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए जटिल विषयों को आसान बनाकर समझा सकती है, भाषा सिखा सकती है और कहानियाँ सुनाती है। अरबी और इंग्लिश दोनों में अनुवाद करने की क्षमता इसे भाषा सीखने वालों और शिक्षकों के लिए भी उपयोगी बनाती है।

यांगो ग्रुप के मिडल ईस्ट हेड इस्लाम अब्दुल करीम ने कहा कि AI अब हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन रहा है, और ओमान भी डिजिटल तकनीक को अपनाने में तेज़ी दिखा रहा है। यास्मीना जैसी सेवाएं ओमान की डिजिटल तरक्की में बड़ा योगदान देंगी।

ITHCA ग्रुप, जो ओमान के निवेश प्राधिकरण का टेक्नोलॉजी विभाग है, ने भी यास्मीना को देश के डिजिटल भविष्य के लिए एक अहम कदम बताया है। इस असिस्टेंट को यांगो प्ले नामक ऐप के ज़रिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जो ओमान समेत कई GCC देशों में उपलब्ध है। इसके लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत पड़ सकती है।

Vandana Upadhyay

4 वर्ष तक देश के बड़े अखबारी प्रकाशनो में काम करने के उपरांत मैं अब GulfHindi में अपनी सेवा दे रही हूँ। उम्मीद हैं मेरी लेखनी आप सब को खबरों से सही और सटीक रूबरू कराएगी.