परमाणु हथियारों को रोकने के लिए बुलाई गई दुनिया की सबसे बड़ी बैठक बिना किसी फैसले के खत्म हो गई है। अमेरिका ने इस असफलता के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि ईरान लगातार परमाणु नियमों का उल्लंघन कर रहा है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकेबंदी जारी रहेगी। इस तनाव के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें इन दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हैं।

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बैठक में क्यों नहीं बन पाई आम सहमति?

11वीं परमाणु अप्रसार संधि (NPT) समीक्षा बैठक 22 मई 2026 को बिना किसी अंतिम नतीजे के समाप्त हो गई। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता थॉमस “टॉमी” पिगॉट ने 24 मई को बयान जारी कर इस पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि कुछ देश ईरान के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बैठक के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत डो हंग वियत ने बताया कि समझौते के मसौदे में एक नियम था कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं बना सकता, जिस पर सहमति नहीं बन सकी। आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के डायरेक्टर डेरिल किमबल के अनुसार, अमेरिका चाहता था कि अंतिम दस्तावेज में ईरान के उल्लंघन का जिक्र हो, जबकि ईरान इसका विरोध कर रहा था। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी इस बैठक के बिना नतीजे खत्म होने पर निराशा जताई है।

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का जवाबी हमला

इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा है कि जब तक नया समझौता नहीं हो जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी पूरी तरह लागू रहेगी। ट्रंप ने अपने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे समझौते के लिए कोई जल्दबाजी न करें। अमेरिका की शर्त है कि ईरान को अपने परमाणु संवर्धन केंद्रों को पूरी तरह बंद करना होगा। इसके जवाब में ईरान के वरिष्ठ अधिकारी मोहसन रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो ईरान समुद्री नाकेबंदी को तोड़ देगा और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) से हमेशा के लिए बाहर हो जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

NPT समीक्षा बैठक कब और क्यों बुलाई गई थी?

यह बैठक 27 अप्रैल 2026 को शुरू हुई थी और 22 मई को समाप्त हुई। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना और शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

अमेरिका ने ईरान पर क्या आरोप लगाए हैं?

अमेरिका का आरोप है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों का पालन नहीं कर रहा है और बिना किसी वैध नागरिक जरूरत के अपने परमाणु कार्यक्रमों को बढ़ा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.