विदेश में काम करने वाले भारतीय अक्सर अपनी कमाई को सुरक्षित रखने और परिवार की मदद के लिए भारत में बैंक खाता खोलते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए जॉइंट बैंक अकाउंट के नियमों को लेकर स्थिति साफ कर दी है। फरवरी 2025 के अपडेट और बजट घोषणाओं के बाद, अब एनआरआई को खाते के संचालन और टैक्स में कई नई सुविधाएं मिलने वाली हैं। अगर आप भी गल्फ या किसी अन्य देश में रहते हैं, तो ये नियम जानना आपके लिए जरूरी है।

जॉइंट अकाउंट खोलने और चलाने के क्या हैं नियम?

RBI के 16 जनवरी 2025 के मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, एनआरआई अपने एनआरई (NRE) और एफसीएनआर (FCNR) खाते केवल अपने करीबी ‘निवासी रिश्तेदार’ के साथ ही जॉइंट में खोल सकते हैं। कंपनी एक्ट 2013 के तहत रिश्तेदार की परिभाषा तय की गई है। वहीं, एनआरओ (NRO) खाता किसी भी निवासी भारतीय के साथ खोला जा सकता है, इसके लिए रिश्तेदार होना अनिवार्य नहीं है।

सबसे खास बात यह है कि ये सभी जॉइंट खाते अनिवार्य रूप से ‘Former or Survivor’ आधार पर चलेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि जब तक एनआरआई (खाताधारक) जीवित है, खाते का पूरा अधिकार सिर्फ उसी के पास रहेगा। जिस निवासी रिश्तेदार का नाम साथ में जुड़ा है, वह केवल मुख्य खाताधारक की मृत्यु के बाद ही खाते का संचालन कर पाएगा।

पावर ऑफ अटॉर्नी और टैक्स छूट में क्या बदला?

अगर एनआरआई विदेश में रहते हुए चाहता है कि भारत में उसका कोई रिश्तेदार बैंक के काम देखे, तो उसे उस व्यक्ति को ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ (PoA) देनी होगी। पीओए वाला व्यक्ति केवल चेक काटने या स्थानीय भुगतान जैसे काम कर सकता है, लेकिन वह उस खाते से विदेश पैसा नहीं भेज सकता।

बजट 2025 में एनआरआई के लिए पैसों से जुड़ी बड़ी राहत दी गई है। अब ‘लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम’ (LRS) के तहत 10 लाख रुपये तक पैसे भेजने पर टीसीएस (TCS) नहीं कटेगा, यह सीमा पहले 7 लाख रुपये थी। साथ ही, एनआरआई के लिए बेसिक टैक्स छूट की सीमा को भी बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया है।

एनआरआई बैंकिंग से जुड़े नए आंकड़े (फरवरी 2025):

सुविधा नया अपडेट
TCS छूट सीमा ₹10 लाख तक (LRS के तहत)
बेसिक टैक्स छूट ₹3 लाख से बढ़कर ₹4 लाख
LTCG टैक्स 12.5% (प्रॉपर्टी बिक्री पर)
NRO रेमिटेंस लिमिट $1 मिलियन प्रति वर्ष
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.