वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में प्रवासी भारतीयों यानी NRIs के लिए एक बड़ी राहत दी है। अगर कोई NRI भारत में अपनी संपत्ति या मकान बेचता है, तो अब उसे टैक्स के रूप में कम पैसा देना होगा। सरकार ने प्रॉपर्टी बेचने पर कटने वाले TDS की दरों में कटौती कर दी है और खरीदारों के लिए भी नियमों को काफी आसान बना दिया है। इन नए बदलावों से विदेश में बसे भारतीयों के लिए भारत में निवेश करना और अपनी पुरानी संपत्ति को बेचना अब पहले से ज्यादा फायदे का सौदा बन गया है।

प्रॉपर्टी बेचने पर अब कितना देना होगा टैक्स?

सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) पर TDS की दर को घटा दिया है। पहले NRI को संपत्ति बेचने पर 20% टैक्स देना पड़ता था, जिसे अब घटाकर 12.5% कर दिया गया है। यह नियम उन संपत्तियों पर लागू होगा जिन्हें खरीदने के बाद 2 साल या उससे ज्यादा समय तक रखा गया है।

हालांकि, अब इंडेक्सेशन का फायदा नहीं मिलेगा, लेकिन सीधी दर कम होने से कई लोगों को बड़ा फायदा होगा। अगर संपत्ति की कीमत 50 लाख तक है, तो सरचार्ज मिलाकर प्रभावी दर करीब 13% ही बैठेगी। वहीं, अगर प्रॉपर्टी 2 साल से कम समय में बेची जाती है, तो उस पर पुराने स्लैब के हिसाब से ही 30% तक टैक्स लगता रहेगा।

खरीदारों को अब TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं

पहले जब कोई भारतीय निवासी किसी NRI से घर या जमीन खरीदता था, तो उसे TDS जमा करने के लिए TAN नंबर (Tax Deduction Account Number) लेना पड़ता था। यह प्रक्रिया काफी उलझाऊ थी और आम लोगों को इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट के चक्कर काटने पड़ते थे।

बजट 2026 में ऐलान किया गया है कि अब खरीदारों को TAN लेने की कोई जरूरत नहीं है। वे अपने PAN कार्ड का इस्तेमाल करके ही टैक्स काट सकेंगे और जमा कर सकेंगे। यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की उम्मीद है, जिससे कागजी कार्रवाई काफी कम हो जाएगी और डील जल्दी पूरी हो सकेगी।

पैसे जमा करने और छूट के नियम जानिए

NRI द्वारा संपत्ति बेचने पर टीडीएस धारा 195 के तहत काटा जाता है। नियम के मुताबिक, बिक्री से मिलने वाला पूरा पैसा विक्रेता के NRO (Non-Resident Ordinary) खाते में ही जमा होना चाहिए। यह ध्यान रखना जरूरी है कि पैसा सीधे विदेश नहीं भेजा जा सकता, पहले इसे NRO खाते में आना होगा।

अगर किसी NRI को लगता है कि उसका मुनाफा कम है और टैक्स पूरी रकम पर ज्यादा कट रहा है, तो वह ‘Lower TDS Certificate’ के लिए अप्लाई कर सकता है। इससे केवल वास्तविक मुनाफे पर ही टैक्स कटता है, पूरी बिक्री रकम पर नहीं। यह उन लोगों के लिए मददगार है जो कम मुनाफे में अपनी पुश्तैनी जमीन या फ्लैट बेच रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.