पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) Ajit Doval ने सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर बड़ी चिंता जताई है। रूस के मॉस्को में आयोजित सुरक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि Strait of Hormuz और लाल सागर (Red Sea) जैसे समुद्री रास्तों से व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहना चाहिए। पिछले तीन महीनों से इस मार्ग पर बने तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
Strait of Hormuz में तनाव से भारत पर क्या हो रहा है असर?
इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर तनाव के कारण भारतीय व्यापारियों और खासकर छोटे निर्यातकों (MSME) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। माल भेजने का किराया काफी बढ़ गया है और सामान पहुंचने में भी देरी हो रही है। इस रूट पर सुरक्षा के हालात काफी नाजुक बने हुए हैं।
- भारतीय जहाजों पर हमला: 18 अप्रैल 2026 को लारक द्वीप के पास ईरान के सुरक्षा बलों की नावों ने दो भारतीय झंडे वाले जहाजों पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद भारत सरकार ने दिल्ली में ईरानी राजदूत को बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई थी।
- रास्ते का ब्लॉक होना: संघर्ष के कारण Strait of Hormuz का रास्ता पिछले करीब तीन महीनों से लगभग बंद जैसा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
भारत ने संकट से निपटने के लिए क्या विकल्प तैयार किया है?
इस संकट से निपटने के लिए भारत सरकार और पश्चिम एशियाई देश लगातार मिलकर काम कर रहे हैं। भारत ने अपने व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए और वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं।
- UAE और ओमान के पोर्ट का इस्तेमाल: मई 2026 की शुरुआत से ही भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के बंदरगाहों के जरिए वैकल्पिक समुद्री रास्तों को चालू कर दिया है ताकि माल की सप्लाई बिना रुके जारी रह सके।
- कूटनीतिक बातचीत: सुरक्षा चिंताओं को सुलझाने के लिए NSA डोभाल ने 19 अप्रैल 2026 को सऊदी अरब का दौरा किया था और फिर 26 अप्रैल 2026 को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर सुरक्षा उपायों पर चर्चा की थी।
आतंकवाद और वैश्विक संस्थाओं पर भारत का कड़ा संदेश
सुरक्षा बैठक में डोभाल ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड (Double Standards) को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं में सुधार की वकालत की ताकि विकासशील देशों (Global South) को सही प्रतिनिधित्व मिल सके। वहीं दूसरी तरफ, 29 मई 2026 को ईरान की तरफ से भी बयान आया कि वे Strait of Hormuz को असुरक्षित नहीं बनाना चाहते हैं, लेकिन वे एक न्यायसंगत व्यवस्था की मांग करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में तनाव के बीच भारत अपने व्यापार को कैसे बचा रहा है?
भारत ने मई 2026 की शुरुआत से ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के बंदरगाहों के जरिए वैकल्पिक समुद्री रास्तों को चालू कर दिया है ताकि भारतीय निर्यातकों को कम नुकसान हो।
अप्रैल 2026 में भारतीय जहाजों के साथ क्या घटना हुई थी?
18 अप्रैल 2026 को लारक द्वीप के पास ईरान के सुरक्षा बलों (IRGC) की नावों ने दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की थी, जिसके बाद भारत ने ईरानी राजदूत को बुलाकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
NSA डोभाल ने मॉस्को की बैठक में सुरक्षा के अलावा और क्या मुद्दे उठाए?
उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड खत्म करने और ग्लोबल गवर्नेंस संस्थाओं में सुधार की मांग की ताकि विकासशील देशों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सके।