नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें छोटे और मध्यम कारोबारों (एसएमई) के शेयरों पर अतिरिक्त निगरानी और ट्रेड टू ट्रेड (T2T) निपटान की घोषणा की गई है।

निगरानी से हेरफेर की संभावना कम

इस नई पहल से एसएमई शेयरों में हेरफेर और सट्टेबाजी की संभावना कम होगी। यह कदम तब उठाया गया है, जब सेबी और स्टॉक एक्सचेंजों ने एसएमई शेयरों में हेरफेर और उच्च सट्टेबाजी पर नजर रखने का निर्णय लिया।

कौन-कौन से शेयर आएंगे निगरानी के अधीन?

एनएसई के बयान के अनुसार, किसी भी एसएमई शेयर पर निगरानी केवल उन शेयरों पर होगी, जो कुछ निर्धारित मानदंडों के अनुसार विभाजित होते हैं।

निगरानी का पर्याय नहीं है कार्रवाई

एनएसई ने स्पष्ट किया कि टीएफटी फ्रेमवर्क के अनुसार निगरानी से शेयरों पर कोई विशेष कार्रवाई नहीं होगी।

एसएमई शेयरों की खरीद

यह भी सूचित किया गया कि एसएमई शेयरों का व्यापार केवल लॉट में होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी की सारणी

परिवर्तन वर्णन
निगरानी एसएमई शेयरों पर अतिरिक्त निगरानी होगी
ट्रेड टू ट्रेड निपटान ट्रेड फॉर ट्रेड सेगमेंट में जाने वाले शेयरों की पहचान
शेयर की खरीद एसएमई शेयरों का कारोबार केवल लॉट में होगा
बदलावों का परिवर्तन टीएफटी फ्रेमवर्क में बदलाव, छोटे और मध्यम उद्यम शेयरों तक विस्तार

यह नई पहल निवेशकों को सुरक्षित बनाये रखने में मदद करेगी, और बाजार में स्वीकृति और विश्वसनीयता बढ़ाएगी।

Lov Singh

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