बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के परीक्षा में सफल हुए शिक्षक अभ्यर्थियों को शहरों के बजाय गांवों के स्कूलों में नियुक्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। सभी जिलों से प्राप्त रिपोर्ट बताती है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में छात्रों के अनुपात में शिक्षक कम हैं। इसको देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है। इसी के हिसाब से नवनियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने की तैयारी चल रही है।

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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 9वीं और 10वीं के शिक्षकों के सभी पद उन उत्क्रमित माध्यमिक स्कूलों को दिए गए हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित हैं। वहीं, 11वीं और 12 वीं के अधिकांश शिक्षकों के पद भी ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ही रिक्त हैं। प्राथमिक स्कूलों में भी कमोबेश यही स्थिति है।

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सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही शिक्षकों को स्कूल आवंटित किया जाएगा। किस शिक्षक को कौन सा स्कूल आवंटित होगा, इसमें पदाधिकारियों की कोई भूमिका नहीं रहेगी। जिन स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं, वहां पर सबसे पहले सॉफ्टवेयर पदस्थापन करेगा।

Sushma Kumari

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