अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने ईरान के साथ हुए 2015 के परमाणु समझौते को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस डील की वजह से कई लोगों की जान बचाने में कामयाबी मिली और बिना किसी युद्ध के काम हो गया। ओबामा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बातचीत के ज़रिए बड़े विवादों को सुलझाया जा सकता है और सैन्य कार्रवाई के बिना भी लक्ष्यों को पाया जा सकता है।

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ईरान के साथ 2015 के परमाणु समझौते की मुख्य शर्तें क्या थीं?

इस समझौते को Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) के नाम से जाना जाता है, जिसकी घोषणा 14 जुलाई 2015 को हुई थी। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन और जर्मनी (P5+1) के साथ यूरोपीय संघ शामिल थे। इस डील की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • यूरेनियम की कमी: ईरान को 15 सालों तक अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को 98% तक कम करना था।
  • सेंट्रीफ्यूज पर रोक: ईरान को अपने दो-तिहाई सेंट्रीफ्यूज हटाने थे और कम से कम 15 साल तक नए भारी पानी रिएक्टर नहीं बनाने थे।
  • कड़ी निगरानी: अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को ईरान की परमाणु सुविधाओं तक 24 घंटे पहुंच दी गई थी ताकि यह पक्का हो सके कि कोई परमाणु हथियार नहीं बनाया जा रहा है।
  • पाबंदियां: जब ईरान इन शर्तों को पूरा करता, तो उसकी अर्थव्यवस्था पर लगी अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों को धीरे-धीरे हटा दिया जाना था।

Barack Obama ने इस डील और मौजूदा हालात पर क्या कहा?

14 मई 2026 को ओबामा ने कहा कि उन्होंने यह काम बिना कोई मिसाइल दागे पूरा किया था। उनका मानना था कि अगर यह समझौता नहीं होता, तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई सीमा नहीं होती और मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा और बढ़ जाता। उन्होंने यह भी बताया कि 2018 में जब ट्रंप प्रशासन ने इस डील से हटने का फैसला किया, तो वह एक गंभीर गलती थी क्योंकि यह समझौता अमेरिका के हित में काम कर रहा था। ओबामा ने वर्तमान संघर्ष के बीच फिर से राजनयिक बातचीत शुरू करने की अपील की है ताकि तनाव को कम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

JCPOA समझौता क्या था और यह कब हुआ था?

JCPOA यानी Joint Comprehensive Plan of Action एक परमाणु समझौता था जो 14 जुलाई 2015 को ईरान और P5+1 देशों के बीच हुआ था। इसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था।

ओबामा के अनुसार 2015 की डील क्यों ज़रूरी थी?

ओबामा का मानना था कि इस डील की वजह से बिना युद्ध किए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी निगरानी संभव हो पाई।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.