ओडिशा के खोरधा जिले में अब दुनिया की सबसे आधुनिक चिप पैकेजिंग यूनिट लगने जा रही है. अमेरिका की कंपनी 3D Glass Solutions अपनी भारतीय सहायक कंपनी HIPSPL के जरिए यहां करीब 1,943 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस प्रोजेक्ट से राज्य में तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के नए रास्ते खुलेंगे और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

इस प्रोजेक्ट में कितना पैसा लगेगा और क्या है खास

इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार और कंपनी दोनों मिलकर निवेश कर रहे हैं. खास बात यह है कि इस पूरे काम के लिए फिलहाल कोई बाहरी कर्ज नहीं लिया गया है, बल्कि इसे इक्विटी और सरकारी सहायता से पूरा किया जाएगा.

विवरण जानकारी
कुल निवेश 1,943.53 करोड़ रुपये
पूंजीगत व्यय (Capex) 1,598.33 करोड़ रुपये
केंद्र सरकार की वित्तीय मदद 799 करोड़ रुपये
ओडिशा सरकार की मदद 399.5 करोड़ रुपये
इक्विटी निवेश 745 करोड़ रुपये
उत्पादन का लक्ष्य साल 2030
संभावित नौकरियां करीब 2,500 (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष)

यह चिप प्लांट क्यों है खास और कहां इस्तेमाल होंगे इसके चिप्स

यह भारत की पहली ऐसी यूनिट होगी जो ग्लास सबस्ट्रेट्स पर आधारित एडवांस 3D चिप पैकेजिंग करेगी. इसमें कंपनी की खास APEX तकनीक का इस्तेमाल होगा जिसके पास 100 से ज्यादा पेटेंट हैं. यह तकनीक चिप्स को ज्यादा स्थिर बनाती है और सिग्नल लॉस को कम करती है, जिससे डिवाइस की परफॉरमेंस बढ़ जाती है.

यहां बनने वाले चिप्स का इस्तेमाल डेटा सेंटर, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), मशीन लर्निंग, 5G और 6G कम्युनिकेशन, ऑटोमोटिव रडार और डिफेंस जैसे जरूरी सेक्टर में किया जाएगा. यह कदम भारत को सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है.

नेताओं और अधिकारियों ने क्या कहा

19 अप्रैल 2026 को इस प्लांट की नींव रखी गई. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इसे ओडिशा के औद्योगिक विकास का एक बड़ा पल बताया. उन्होंने कहा कि इससे राज्य में हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी और ओडिशा तकनीक के मामले में आगे बढ़ेगा.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह दिन ओडिशा के लिए ऐतिहासिक है और राज्य अब आईटी और चिप पैकेजिंग के बड़े हब के तौर पर उभरेगा. ऊर्जा विभाग के सचिव विशाल देव ने जानकारी दी कि Intel और Lockheed Martin जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियां 3DGS के साथ जुड़ी हैं, जिससे भविष्य में राज्य में और भी निवेश आने की उम्मीद है.