ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी में डूबा बड़ा कार्गो जहाज, 22 लोग लापता और तलाश जारी.

ओडिशा के तट से दूर बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां पनामा के झंडे वाला कार्गो जहाज MV Ocean Winner अचानक डूब गया। इस भयंकर हादसे के बाद से जहाज पर सवार कुल 22 क्रू मेंबर लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए इस समय बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना मिलकर इस बचाव अभियान को अंजाम दे रहे हैं, ताकि किसी तरह लापता लोगों की जान बचाई जा सके।
हादसे से जुड़ी मुख्य बातें और जहाज की जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार, 22 अगस्त 2026 को हुई। पनामा-फ्लैग वाला यह मालवाहक जहाज ओडिशा के तट से लगभग 240 नॉटिकल मील दूर समुद्र में डूबा है। जहाज का IMO नंबर 9145530 है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, श्री विजयपुरम स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) को इस बात की सूचना मिली थी कि जहाज से संपर्क टूट गया है। जहाज के ऑपरेटर Victory Star Group Co Ltd ने 22 अगस्त को सुबह 11:48 बजे खोज और बचाव सहायता के लिए औपचारिक अनुरोध भेजा था, जिसके बाद तुरंत एक्शन लिया गया।
कितने लोग थे सवार और क्या ले जा रहा था जहाज
हादसे के वक्त इस जहाज पर कुल 24 लोग सवार थे। इनमें 20 चीनी नागरिक, म्यांमार के 3 व्यक्ति और बांग्लादेश का 1 नागरिक शामिल था। यह जहाज ओडिशा के पारादीप पोर्ट से लगभग 1,700 टन आयरन ओर यानी लौह अयस्क भरकर सिंगापुर के लिए निकला था। जहाज की आखिरी लोकेशन 317 ईस्ट आइलैंड लाइट के पास दर्ज की गई थी, जो श्री विजयपुरम से करीब 310 नॉटिकल मील की दूरी पर थी। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में दी गई है।
भारतीय एजेंसियों का बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
भारतीय खोज और बचाव नेटवर्क के सक्रिय होने के बाद, रास्ते से एक मर्चेंट टैंकर MT AISOPOS को तुरंत उस जगह के लिए डायवर्ट किया गया। इस टैंकर ने सूझबूझ दिखाते हुए 22 अगस्त को रात लगभग 8 बजे दो अलग-अलग लाइफराफ्ट से 2 बचे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने मिलकर एक संयुक्त अभियान शुरू किया। तटरक्षक बल ने अपने जहाज ICGS Varad, ICGS Anmol और ICGS Vijit को समुद्र में उतार दिया है। साथ ही आसपास से गुजरने वाले अन्य कमर्शियल जहाजों को भी सतर्क कर दिया गया है ताकि लापता लोगों की तलाश में मदद मिल सके। जहाज के डूबने के असली कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और इस मामले की जांच की जा रही है।