OIC यानी ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन और अरब संसद ने हूती गुट की ओर से Saudi Arabia के खिलाफ दिए गए हालिया बयानों और धमकियों की कड़ी निंदा की है। इन संगठनों ने सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है। हूती समूह ने सऊदी अरब पर यमन में नाकाबंदी करने और समुद्री रास्ते रोकने के झूठे आरोप लगाए थे, जिसे इन अंतरराष्ट्रीय निकायों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
समुद्री सुरक्षा और शांति का मुद्दा
OIC के महासचिव Hissein Brahim Taha ने कहा कि हूती गुट द्वारा समुद्री आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को निशाना बनाना एक गंभीर खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाल सागर में नेविगेशन की आजादी बनी रहनी चाहिए और इसके लिए United Nations Security Council के प्रस्तावों का पालन करना अनिवार्य है। महासचिव ने सऊदी अरब द्वारा यमन के लोगों के लिए की जा रही मानवीय सहायता और शांति प्रयासों की सराहना की है।
अरब संसद का कड़ा रुख
अरब संसद के स्पीकर Mohammed bin Ahmed Al Yamahi ने हूती प्रवक्ता के दावों को गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाला बताया है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा अरब देशों की सुरक्षा का हिस्सा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से United Nations Security Council Resolution 2722 को सख्ती से लागू करने की मांग की, ताकि लाल सागर में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और क्षेत्रीय शांति को बनाए रखने में मदद मिल सके।
