दुनिया भर के ऊर्जा बाज़ार में इस समय भारी हलचल देखी जा रही है। ईरान की तरफ से Strait of Hormuz पर नियंत्रण और समुद्री रास्ता बंद किए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इस संकट की वजह से वैश्विक स्तर पर ईंधन की सप्लाई रुकने और कीमतें और बढ़ने का डर पैदा हो गया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने व्यापारिक जहाज़ों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में चिंता का माहौल है।

तेल की कीमतों और सप्लाई पर क्या असर पड़ा?

बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। इस हफ्ते तेल के दाम 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे, जो पिछले चार सालों का सबसे ऊंचा स्तर है। Strait of Hormuz से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और LNG गुज़रता है, जो अब कमर्शियल जहाजों के लिए लगभग बंद हो चुका है।

विवरण ताज़ा स्थिति
शिपिंग ट्रैफिक में कमी 97 प्रतिशत तक गिरावट देखी गई
मुख्य शिपिंग कंपनियां Maersk, MSC और Hapag-Lloyd ने सेवाएं रोकीं
तेल रिज़र्व का फैसला IEA ने 40 करोड़ बैरल तेल बाज़ार में भेजने का निर्णय लिया

खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और नए प्रतिबंध

  • दुबई और इराक में हमले: दुबई में धमाकों की रिपोर्ट मिली है और बसरा के पास दो तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की जान गई है।
  • US Navy की तैनाती: अमेरिका के खजाना सचिव Scott Bessent ने कहा है कि उनकी नौसेना जल्द ही टैंकरों को सुरक्षा देना शुरू करेगी।
  • बीमा कवरेज खत्म: ज़्यादातर इंश्योरेंस क्लब ने Strait of Hormuz के लिए कवरेज बंद कर दिया है, जिससे जहाज़ों का वहां से गुज़रना मुश्किल हो गया है।
  • राशनिंग लागू: दक्षिण कोरिया और थाईलैंड जैसे देशों ने बढ़ती कीमतों को देखते हुए ऊर्जा के इस्तेमाल पर सीमाएं तय कर दी हैं।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.